मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित किया

लखनऊ (11 फरवरी, 2020)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित महिला जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का जो अभियान चलाया उसका परिणाम है कि प्रदेश का लिंगानुपात बेहतर हुआ है। इन्द्र धनुष योजना के माध्यम से टीकाकरण को शत-प्रतिशत सफलता मिली है। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा महिलाओं के हितों में चलाये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की सोच में महिलाओं के प्रति सकारात्मक बदलाव आया है। महिलाएं समाज का आधा हिस्सा हैं। उनकी अनदेखी करके किसी भी समाज का विकास नहीं किया जा सकता है। जनसंख्या के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व महिलाएं करती हैं। इसलिए महिला जागरूकता के सर्वाधिक कार्यक्रम भी राज्य में होेने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आयोग का दायित्व बनता है कि वे उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन व इनसे जुड़ी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर प्रत्येक नागरिक को जागरूक करें तथा निचले स्तर पर यथा जिले से लेकर ग्राम स्तर पर एक समिति गठित करे, जो महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं से अवगत कराये। राज्य महिला आयोग महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करके सशक्तीकरण की दिशा महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा चलाये गये स्वच्छ भारत अभियान के तहत वृहद स्तर पर शौचालय का निर्माण कराया गया है जो स्वास्थ्य के साथ-साथ नारी की गरिमा से भी जुड़ा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया गया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं में सुरक्षा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से एण्टी रोमियो स्क्वाड का गठन और ‘1090’ वीमेन पावर लाइन का सुदृढ़ीकरण किया गया है। ‘181’ महिला हेल्पलाइन और रेस्क्यू वैन सभी जनपदों में संचालित की जा रही है। महिला हेल्पलाइन ‘181’ को एकीकृत आपात सेवा ‘112’ से इन्टीग्रेट किया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को रात्रि में इस सेवा के माध्यम से सुरक्षित गन्तव्य तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सम्बल प्रदान के उद्देश्य से प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ चलायी जा रही है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न चरणों में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के माध्यम से सभी वर्गाें की गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की व्यवस्था गयी गयी है। इसके तहत लाभार्थी को 51,000 रुपये प्रदान किये जा रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सशक्तीकरण के लिए 03 महिला पी0ए0सी0 वाहिनियों का गठन किया गया है। प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण तथा त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन भी किया गया है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सशक्तीकरण के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किये हैं। समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम ने कहा कि जिस समाज में महिला का सम्मान होता है, वह समाज उतना ही उन्न्तशील होता है। महिलाओं को जागरूक करके ही उसे सशक्त बनाया जा सकता है।



उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजु चौधरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री डाॅ. महेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया सहित विभिन्न राज्यों के महिला आयोग कीं अध्यक्ष और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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