मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट में गौरक्षा अध्यादेश को दी मंजूरी

लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को हुई कैबिनेट में पूरे प्रदेश में गायों की दुर्दशा व पशु तस्करों के द्वारा हो रहे गौवध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रदेश की गौवध निवारण संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, इसके बाद गौवध करने पर 5 से 7 साल की सजा व 5 लाख के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने प्रदेश सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।



गौरतलब है कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार ने शुरुआत में ही गायों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखायी थी और सभी जिलों में गायों की देखरेख के लिए गौशालाएं बनाने के निर्देश दिये थे पर गौ प्रेमी सीएम के इस आदेश पर उस तरह से अमल नही हो पाया जैसा वे चाहते थे।

गौशालाओं में गायों की दुर्दशा व भूख से तड़प कर मौत होने एवंम पशु तस्करों के द्वारा किये जा रहे गौवध को रोकने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के साथ ही प्रदेश भर की गौशालाओं का निरीक्षण करना शुरु किया व सरकार से प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की।

किसान मंच के इस अभियान के बाद उसके अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी को पशु माफियाओं के द्वारा धमकी भी मिली व उन पर हमले भी किये गये पर वे पीछे नही हटे। आखिरकार किसान मंच के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी की मुहिम रंग लायी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गौवध निवारण संशोधन विधेयक को मंजूरी देकर साफ कर दिया वे गौरक्षा को लेकर गंभीर हैं और वे इस तरह के अपराध करने वालों को बख्शने वाले नही हैं।

आपको बता दें कि गौवध निवारण संशोधन विधेयक 2020 में अंग भंग करने पर एक से सात साल की सजा व तीन लाख के जुर्माने व गौवध करने वाले पर 3 से 10 साल की जेल व पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।



किसान मंच के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने बातचीत में बताया कि लगभग सभी गौशालाओं में गायों की हालत खराब है और इसके जिम्मेदार अधिकारी ही हैं क्योंकि अगर वे गंभीर हो जाये तो गायों की ये दुर्गत नही होगी अब मुख्यमंत्री के द्वारा उठाये गये इस कदम से साफ हो गया है कि इससे प्रदेश में गायों की स्थिति में सुधार आयेगा। उन्होने प्रदेश केसीएम को उनके इस फैसले के लिए बधाई दी है।
आपको बता दें कि किसान मंच ने हाईकोर्ट में गौशालाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर जनहित याचिका भी दाखिल कर रखी है। मोहनलालगंल के सांसद कौशल किशोर ने भी अमावां में बनी गौशाला का निरीक्षण किया था और वे भी गौशाला की स्थिति देखकर भड़क गये थे।

सांसद की अपील के बाद बीजेपी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजू ने अमावां गौशाला को आगे आकर गोद लिया था और उसके बाद से यहां की गायों को चारा मिलना शुरु हो गया है। 
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