उप मुख्यमंत्री ने 7 कालिदास मार्ग पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

लखनऊ (06 सितम्बर, 2019)।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने और टेण्डर प्रक्रिया के और अधिक डिजिलिटीकृत किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों को और अधिक गति देने और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने के उद्देश्य से अपने आवास 7 कालिदास मार्ग पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।



बैठक में ‘बिड कैपिसिटी इवैलुयेशन’ माड्यूल को चाणक्य साॅफ्टवेयर के साथ लागू करने के बारे में गहन विचार विमर्श किया गया और निर्देश दिये गये कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे मध्य क्षेत्र, लखनऊ में लागू किया जाय। बैठक में यह भी बताया गया कि इस माड्यूल के अमल में आने पर किसी भी ठेकेदार को उसकी हैसियत के हिसाब से ही काम मिल पायेगा, उससे ज्यादा काम नहीं मिल पायेगा। इससे ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को काम करने का अवसर मिलेगा तथा पारदर्शिता भी आयेगी एवं कार्यों के अनुश्रवण व समीक्षा में आसानी होगी।

साथ ही बैठक में यह भी बताया गया कि इस माड्यूल के उपयोग से किसी ठेकेदार को अपनी आम फाइलें बार-बार अपलोड करने की आवश्यकता नहीं पडे़गी और अन्य डाटा चाणक्य साॅफ्टवेयर के माध्यम से आटो कैप्चर हो जायेगा। इससे निविदा को खोलते ही उत्तरदायी बोली को तुरन्त घोषित कर दिया जायेगा।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि इस बात का गम्भीरता से अध्ययन कर लिया जाय कि इस प्रक्रिया से कोई नकारात्मक स्थिति पैदा न होने पाये। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि लोक निर्माण विभाग के सर्वर में डाटा सिक्योरिटी का पूरा ध्यान रखा जाय और किसी भी प्रकार की असावधानी न होने पाये।



उप मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निदेर्शित किया कि जिन सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है, उसमें पुरानी जर्जर सड़के पूरी की पूरी न उखाड़ी जाॅय बल्कि पार्ट में उखाड़कर काम पूरा करें, तब आगे का हिस्सा उखाड़ा जाय। उन्होने कहा कि 02 अक्टूबर से 06 जोन में प्लास्टिक रोड की शुरूआत की जाय। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग कई मामलों में एवार्ड पाने का हकदार है। इसके लिये अधिकारी उल्लेखनीय क्षेत्रों का विवरण तैयार करें।

बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण, सचिव लोक निर्माण विभाग समीर वर्मा, सचिव लोक निर्माण विभाग रंजन कुमार व प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग वी.के. सिंह ने भी अपने महत्वपूर्ण विचारध्सुझाव रखे।

बैठक में प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग वी.के. सिंह ने बताया कि यह माड्यूल देश में पहली बार उ.प्र. लोक निर्माण विभाग में लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होने बताया कि कतिपय कार्यों में ठेकेदारों द्वारा अपनी बिड क्षमता से अधिक क्षमता के कार्य लेने के मामले प्रकाश में आये हैं, जिसके फलस्वरूप वह समय से काम पूरा नहीं कर पाते हैं। इस प्रक्रिया के अमल में आने से ठेकेदार अपनी क्षमता से अधिक के कार्य नहीं ले पायेंगे। इस माड्यूल में कुल 25 पैरामीटर हैं।
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