पूर्व मुख्यमंत्री ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की 96वीं जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए

लखनऊ।
समाजवादी पार्टी मुख्यालय लखनऊ सहित आज प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 96वीं जयंती सादगी से मनाई गई। राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी में डाॅ. राम मनोहर लोहिया सभागार में कर्पूरी ठाकुर जी की प्रतिमा पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। अलीगंज, लखनऊ में सेक्टर एच. स्थित कर्पूरी पार्क में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कर्पूरी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।



अखिलेश यादव ने कर्पूरी ठाकुर का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों और पिछड़ों के सम्मान एवं अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उनका बचपन घोर गरीबी में बीता इस कारण वे विधायक और मंत्री रहते हुए अपना वेतन गरीबों के दुःखदर्द में बांट देते थे। उन्होंने राजनीति में अनेक लोगों को प्रेरित किया और पिछड़ों को जगाने का काम किया। उनके रास्ते पर चलकर ही हम आगे बढ़ सकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डाॅ. लोहिया ने नारा दिया था-‘सोशलिस्टों ने बांधी गांठ-सौ में पावें पिछड़े साठ‘ श्री कर्पूरी ठाकुर ने इसे पूरा करने का भरसक प्रयास किया। लेकिन आज भी पिछड़ों को अधूरा लाभ मिला है यदि सही से जनगणना में जातियों की भी गणना हो जाए तो हिन्दू-मुस्लिम का झगड़ा समाप्त हो जाएगा और हरेक समाज की भागीदारी भी तय हो जाएगी। लेकिन सरकार तो इसके आंकड़े ही सामने नहीं लाना चाहती है।



अखिलेश यादव ने इस अवसर पर एकत्र सैकड़ों कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार से किसान, नौजवान, व्यापारी, छात्र सभी परेशान हैं। किसान का न तो कर्ज माफ हुआ, नहीं आय दुगनी हुई फलतः वे आत्महत्या करने को विवश हैं। नौजवान बेरोजगारी से त्रस्त हैं। युवा आंदोलनरत है। सबको अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। देश भर में सीएए के खिलाफ जनता आंदोलनरत है। महिलाएं दिनरात प्रदर्शन कर रही है। सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही है वह संवेदनहीन बनी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा भाजपा नेताओं की भाषा निहायत स्तरहीन है। कोई कहता है डंके की चोट पर, कोई कहता है बदला लेंगे, कोई जबान खींच लेने तो कोई ठोक दो बोल रहा है। राजनीति में भाषा में ऐसी गिरावट चिंता जनक है। समाजवादी ऐसी भाषा नहीं बोलते हैं। हम बड़े अस्पताल, बड़े शिक्षा संस्थान की बातें करते है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने विकास किया नहीं इसलिए वह ध्यान बंटाने को तमाम आयोजनों पर करोड़ों रूपए फूंक रही है। धर्मजाति के नाम पर फूट डाल रहे हैं। उन्होंने कहा गंगा यात्रा पर रथ निकालने का क्या मतलब है? करोड़ों रूपए गंगा की सफाई पर फूंक दिए गए किन्तु गंगा आज भी मैली हैं। 5 साल से नमामि गंगे का नाटक हो रहा है। जब तक गंगा में मिलने वाली नदियां और काली नदी साफ नहीं होती तब तक गंगा साफ नहीं हो पाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अपना ध्यान अब बूथ मजबूत करने पर लगाएं। बूथस्तर पर ध्यान देने से ही पार्टी मजबूत होगी और आगे सन् 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने का रास्ता सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा गांव-गांव घर-घर समाजवादी सरकार के कामों की जानकारी दें और लोगों के दुःखदर्द में शामिल रहे। पूर्व मुख्यमंत्री ने मंत्र दिया काम ज्यादा, माइक पर कम रहें।

अखिलेश यादव ने विश्वनाथ राजभर ‘नीलम‘द्वारा लिखित ‘दमयंती महाकाव्य‘ पुस्तक का विमोचन भी किया।



कर्पूरी ठाकुर को आज श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में प्रमुख थे सर्वश्री अहमद हसन नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद, नरेश उत्तम पटेल प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय तथा एसआरएस यादव, जगजीवन प्रसाद, अरविन्द कुमार सिंह, उदयवीर सिंह सभी एम.एल.सी. उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में प्रदीप तिवारी, सुशील दीक्षित, विनोद सविता, आलोक त्रिपाठी, संजय सविता विद्यार्थी, डाॅ0 अखिलेश पटेल, सुभाष यादव, चन्द्रिका पाल, एस.पी. नंद, सतीश शर्मा, अरूण सविता, डाॅ0 देवेन्द्र पटेल, राम लखन पटवा, डाॅ0 मरगूब कुरैशी, मीना यादव, अनिल सिंह वीरू, अजीत प्रताप सिंह, प्रमोद सूरी, राजेन्द्र सिंह, विजय साहू मून, रंजना वर्मा, सपना अग्रहरि, मनभावती, नीरज यादव, सतीश शर्मा समर, मधु यादव, ललिता राठौर, सोनम अग्रहरि, वीरेन्द्र यादव, कृष्णा पटेल, दीपू श्रीवास्तव, जितेन्द्र मिश्र, निखिल कन्नौजिया, आशू कन्नौजिया, संजय गुप्ता, धीरेन्द्र वर्मा, लेखराज यादव, राजकुमार, दिलीप कमलापुरी, अनुज यादव अन्नू, राणा प्रताप यादव, महेन्द्र यादव, सुमित पाल, लवलेश यादव, अमित यादव, अश्वनी वर्मा, मिस्ठी खरे, शिवम यादव, सुमित राजभर, हिमांशु यादव, सलीम पार्षद, शैलेन्द्र सिंह बल्लू, सुहैल अहमद, पूनम केसरी, वंदना शर्मा, पूनम यादव, राधा वर्मा, लाल बहादुर सहित सैकड़ों नौजवानों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
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