ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह बोले वर्षा का पानी बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

लखनऊ (22 जून, 2019)।
ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने गिरते भू-जल स्तर के कारण कुंए व तालाबों के सूखने पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए ग्रामवासियों से श्रमदान करके जल संचयन और वर्षा जल संरक्षण के लिए श्रमदान किये जाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपेक्षाओं के अनुरूप जल संरक्षण के लिए ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्रामवासियों को जल संचयन के लिए जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश के 59 हजार ग्राम पंचायतों में श्रमदान अभियान का शुभारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि गांव के लोग प्यासी धरती को पानी देने के लिए गांव में स्थित तालाबों, पोखरों, कुओं आदि की खुदाई करके जल संरक्षण और जल संचयन जैसे पवित्र कार्य को पूरा करें।

ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह बोले वर्षा का पानी बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

राज्यमंत्री ने विकासखण्ड बी.के.टी. के सोनवा गांव स्थित डेहुवा तालाब में ग्रामवासियों के साथ खुद फावड़े से मिट्टी खोदकर जल संचयन श्रमदान अभियान की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों से बरसात में कमी के कारण प्राकृतिक स्रोत सूखते जा रहे हैं। इससे पेयजल की गम्भीर समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषित जल से तमाम गम्भीर बीमारियां पैदा हो रही है और मनुष्य के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सभी सरपंचों/ग्राम प्रधानों को पत्र लिखकर जल संचयन के लिए श्रमदान किये जाने का आवह्न किया है। पूरे देश में आज 22 जून को जल संचयन और वर्षा जल संरक्षण के लिए तालाबों व कुओं एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की खुदाई करके उनमें बरसात का पानी एकत्र करके धरती को पुनः हरा भरा बनाने के लिए अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के तहत लखनऊ में सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर सोनवा गांव में स्थित आदर्श जलाशय के किनारे वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने ग्रामवासियों के उत्साह के लिए बधाई दी।

ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह बोले वर्षा का पानी बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव ने ग्रामवासियों से रेनवाटर, हार्वेस्टिंग और संचयन के लिए आग्रह किया और पाॅलीथीन व प्लास्टिक का उपयोग न किये जाने की अपील की।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अविनाश त्रिवेदी, ग्राम प्रधान चुन्नी दीक्षित आदि ने जल संरक्षण का संकल्प लिया और गांववासियों को जलसंचयन अभियान से जोड़ने का भरोसा दिलाया। खुली बैठक में ग्राम प्रधान से प्रधानमंत्री द्वारा लिखे गये पत्र को खुली बैठक में पढ़कर सुनाया।

ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डा. महेन्द्र सिंह बोले वर्षा का पानी बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ मनीष बंसल ने मनरेगा द्वारा जल संरक्षण के लिए कराये जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांव में जलाशयों, वृक्षारोपण, सोकपिट का निर्माण, खेत तालाब, सिंचाई नाली, सिंचाई टैंक, नहरों/मैनरों की सिल्ट सफाई, रजबहों, गूलों की साफ-सफाई, चेकडेम जैसे कार्य मनरेगा के तहत कराये जायेंगे। इसके अलावा खुली बैठक में श्रमदान करने के लिए लोगों को जागरूक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत लखनऊ में 284 तालाब पूरे किये गये और 16 तालाब निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में 9 लाख 69 हजार वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा गोमती नदी के किनारे 41 ग्राम पंचायतों में 01 लाख 11 हजार पौधों का रोपण किया गया है।

इस मौके पर उपायुक्त मनरेगा योगेश कुमार, खण्ड विकास अधिकारी सहित ब्लाक प्रमुख, पंचायत सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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