मंत्री सतीश महाना बोले जागरूकता कार्यक्रम 19 जुलाई से 21 अगस्त तक जनपद, तहसील और ब्लाक स्तर पर आयोजित होंगे

लखनऊ (11 जुलाई, 2019)।
खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सतीश महाना ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर पहली बार पूरे प्रदेश में आगामी 19 जुलाई से निरंतर विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाया जायेगा। इसमें खादी एवं ग्रामोद्योग की योजनाओं, रोजगार परक कार्यक्रमों एवं शासन की नीतियों से लोगों को अवगत कराते हुए कार्यरत उद्यमियों के उत्पाद विकास, गुणवत्ता व आधुनिक तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी। जागरूकता कार्यक्रम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में शिविर लगाकर आयोजित होंगे।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सतीश महाना ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर मंत्री, सांसद एवं विधायकों की सहभागिता सुनिश्चित कराने के लिए सभी जिला ग्रामोद्योग अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से अनुसूचित जाति के लोगों को खासतौर से खादी एवं ग्रामोद्योग की विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित किये जाने पर बल दिया जायेगा, ताकि इस वर्ग विशेष के लोगों को स्वरोजागर के प्रति जागरूक करके उन्हें अपने गांव में ही उद्यम लगाकर व्यवासाय शुरू करने हेतु प्रेरित किया जा सके।

मंत्री सतीश महाना ने बताया कि ये जागरूकता शिविर जनपद, तहसील एवं ब्लाक स्तर पर विभिन्न तिथियों में आयोजित होंगे। इसके लिए शासन द्वारा प्रति कार्यक्रम के लिए 30 हजार रुपये की राशि आवंटित की गई है। यह जागरूकता कार्यक्रम 19 जुलाई से 21 अगस्त तक चलाये जायेंगे। जागरूकता शिविर सांसद आदर्श ग्रामों में भी आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने और लोगों को उद्यम संबंधी आवश्यक जानकारी सुलभ कराने के लिए सभी जिलों हेतु खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री ने बताया कि सभी जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारियों और बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे बोर्ड के पदाधिकारियों तथा जिला प्रशासन की सहभागिता भी इस कार्यक्रम में प्रमुखता से सुनिश्चित करेंगे।

मंत्री सतीश महाना ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में रोजगारपरक कार्यक्रमों को प्रत्येक स्तर पर बढ़ावा देने को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार/उद्यम का सृजन हो और बेरोजगारों को रोजगार के व्यापक अवसर सुलभ हो सकें। इसके लिए उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग में स्वरोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं और सरकार ने लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। इसी के अन्तर्गत प्रदेश के सभी जिलों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
btnimage