UPCM मंत्रिमंडल के समाज कल्याण मंत्री ने 10 जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को चेतावनी को कारण बताओं नोटिस

उत्तर प्रदेश (27 दिसम्बर, 2018)।
UPCM मंत्रिमंडल के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आगामी 09 फरवरी, 2019 को पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ 150-150 जोड़ों की दर से सामूहिक विवाह कराये जाने के निर्देश दिये है। उन्होंने सभी जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 09 फरवरी, 2019 को आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम संबंधी सभी आवश्यक तैयारी कराना सुनिश्चित किया जाये, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नही की जाये।

समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने गोमतीनगर स्थित सिडको में विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना की सराहना पूरे प्रदेश के आम नागरिकों द्वारा की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी अधिकारी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से करना सुनिश्चित करें, योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि गरीब, असहाय व निराश्रित लोगों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित कराया जाये। मण्डलीय अधिकारी अपने मण्डल के अन्तर्गत आने वाले सभी जनपदों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए निरीक्षण आख्या निदेशालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।

समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री गोमतीनगर स्थित सिडको में विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक करते हुए
समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री गोमतीनगर स्थित सिडको में विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा बैठक करते हुए

समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए जनपद बलिया, महराजगंज, संतरविदासनगर, आजमगढ़, जौनपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, खीरी, आगरा और फरूखाबाद में सर्वाधिक लम्बित आवेदन पत्र पाये जाने पर, इन जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों को चेतावनी दी और उन्होंने कहा कि शीघ्र ही लम्बित आवेदन पत्रों का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के समस्त पात्र वृद्धजनों को जिनका नाम वी.पी.एल. सूची 2002 में सम्मिलित है अथवा उनकी वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में 56460 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये तक के अन्तर्गत है, को वृद्धावस्था पेंशन दिये जाने की व्यवस्था है। उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर 2018 से दिसम्बर-2018 तक 3737415 पेंशनरो को पेंशन से लाभान्वित किया जा रहा है।

समाज कल्याण मंत्री ने अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना में ललितपुर, गौतमबुद्ध नगर, रामपुर, आगरा, अमेठी, बलरामपुर, गाजियाबाद, श्रावस्ती, हापुड़ एवं बहराइच जनपद की प्रगति खराब होने पर कारण बताओं नोटिस देने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी हेतु आर्थिक सहायता दिये जाने की योजना संचालित है। निर्धन व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी अनुदान योजना में 20 हजार रुपये का अनुदान आवेदक के खाते में सीधे भेजा जाता है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में 56460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये होती है एवं वर की आयु 21 वर्ष तथा कन्या की आयु 18 वर्ष हो, पात्र होते हैं। योजना के तहत आनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था है। उन्होंने बताया वित्तीय वर्ष 2018-19 में अभी तक 25017 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।

मंत्री रमापति शास्त्री ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना, अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति के परिवारों को आर्थिक सहायता, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्रों के संचालन, राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास, पूर्व दशम् एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना सहित निदेशालय जनजाति विकास द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

इस अवसर पर राज्यमंत्री समाज कल्याण गुलाब देवी ने कहा कि सक्रियता एवं सकारात्मक सोच रखकर कार्य करने की आवश्यकता है। विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार गांव स्तर पर भी कराया जाये जिससे गांव में रहने वाले लोगों को जानकारी हो सके। विभागीय अधिकारी भी योजनाओं की जानकारी आम जनता को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नही की जाये।

इस अवसर पर आयुक्त समाज कल्याण चन्द्र प्रकाश, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह निदेशक समाज कल्याण जगदीश प्रसाद, प्रबन्ध निदेशक सिडको विवेक वाष्र्णेय, अपर निदेशक पी.सी. उपाध्याय, संयुक्त निदेशक आर.के. सिंह सहित उप निदेशक पी.के. त्रिपाठी, एस.के. राय व मण्डलीय अधिकारी और जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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