खेल मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की

लखनऊ (12 सितम्बर, 2019)।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेन्द्र तिवारी ने के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम स्थित सभागार में खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेन्द्र तिवारी ने कहा है कि राज्य के सभी स्टेडियमों को खेल सम्बंधी सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस करके गुणवत्तायुक्त खेल सामग्री सुलभ कराई जायेगी। सभी स्टेडियमों व स्पोट्र्स काॅलेजों में बायोमैट्रिक सिस्टम लागू होगा और मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन कोच व खिलाड़ी की उपस्थिति और खेल गतिविधियां भी दर्ज की जायेंगी। इसके अलावा कोई भी खिलाड़ी या कोच बिना ट्रैक सूट के स्टेडियम में प्रवेश नहीं कर सकेगा। खेल मंत्री ने गत चार सालों की प्रदेश के स्पोर्ट्स काॅलेजों की प्रगति व वित्तीय विवरण की रिपोर्ट भी 15 दिन में उपलब्ध करने के निर्देश दिये।

खेल मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की

खेल मंत्री ने क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जनपद में युवा कल्याण अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को जागरूक और प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को स्पोट्र्स काॅलेज में प्रवेश दिलाकर उनकी प्रतिभा को निखारा जायेगा। यदि स्पोर्ट्स काॅलेज में सीटें कम पड़ेगी तो आवश्यकतानुसार सीटे भी बढ़ाई जायेंगी। उन्होंने सभी क्षेत्रीय/जिला क्रीड़ा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में माह में कम से कम दो बार स्टेडियमों का निरीक्षण करें और खेल सुविधाओं का भी आंकलन कर शासन को भी रिपोर्ट उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि अब स्टेडियमों में खिलाड़ियोें का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और खिलाड़ियों को आई कार्ड रखना होगा। स्टेडियम में प्रवेश सम्बंधी आवश्यक सूचनाओं का बोर्ड गेट के बाहर लगाया जाये।

खेल मंत्री ने खेल कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्कूलों और काॅलेजों में खेल कार्यक्रमों के निरन्तर आयोजन और खेलों व प्रतियोगिताओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन दिये जाने के लिए पुनः डाइट प्लान बनाया जाय। खेल अधिकारी खेलों के प्रति अपने नैतिक दायित्वों को समझें व निभाएं और फिट इण्डिया मूवमेंट को सफल बनाने में हर संभव सहयोग दें। पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों का व्हाट्सअप गु्रप बनाया जाये जिसमें प्रदेश के सभी खिलाड़ियों को जोड़ा जाय। उन्होंने 20 सितम्बर तक प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर आयोजित हो रहे दीनदयाल उपाध्याय खेल प्रतियोगिताओं की तिथि बढ़ाने के भी निर्देश दिये।



खेल मंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन स्टेडियमों का कार्य तय समय में पूरा करने, कार्य की गुणवत्ता का भी आंकलन करने व निर्माण कार्य ठीक न होने पर कार्यदायी संस्था के विरूद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि पुराने खेल के मैदान, अखाड़ों, व्यायामशाला को पुर्नजीवित किया जाये और यदि उन पर अतिक्रमण है तो उसे खाली कराया जाये। खेल मंत्री ने जनपदों से आये क्रीड़ा अधिकारियों की समस्याओं को सुना और तत्काल उनका निराकरण करने के भी निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव खेल मो. इफ्ते खारूद्दीन ने बैठक में खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से मंत्री जी को अवगत कराते हुए बताया कि खेल विभाग खेलों के विकास पर प्रमुखता से सम्पादित कर रहा है और खिलाड़ियों को हर सम्भव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास, उदयीमान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु निजी सहभागिता से खेला अकादमियों को विकसित करने की नीति प्रख्यापित की है। जिसके बेहतर परिणाम भी मिल रहे हैं।

समीक्षा बैठक में निदेशक आर.पी. सिंह व विभिन्न जनपदों से आये स्पोर्ट्स काॅलेजों के प्रधानाचार्य, क्रीड़ा अधिकारी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी, उप क्रीड़ा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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