मुख्यमंत्री के निर्देश जरूरतमंदों को बिना राशन कार्ड एवं आधार कार्ड के भी राशन दिया जाये

लखनऊ (17 अप्रैल, 2020)।
अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये है कि लाॅकडाउन की अवधि में प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कोई भूखा न रहे। गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश में आगामी 30 जून तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सार्वभौमिकरण किया जाए। 

यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में प्रत्येक जरूरतमंद तथा घुमन्तू समुदाय के लोगों को भी खाद्यान्न अवश्य मिले, भले ही उसके पास राशन कार्ड अथवा आधार कार्ड न हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि खाद्यान्न वितरण योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 3,23,87,640 राशन कार्ड के सापेक्ष 13,40,10,029 यूनिट्स पर कुल 7,45,618.460 मी0टन खाद्यान्न का वितरण किया गया, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। कुल राशन कार्ड में से 29.60 प्रतिशत राशन कार्ड पर निःशुल्क जबकि 70.40 प्रतिशत कार्ड पर सशुल्क राशन का वितरण किया गया है। यह भी बताया गया कि इस वितरण व्यवस्था में 35.46 प्रतिशत यूनिट्स को निःशुल्क और 64.54 प्रतिशत यूनिट्स को सशुल्क वितरण किया गया है। 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत 15 अप्रैल से प्रारम्भ किये गये खाद्यान्न वितरण के तहत प्रदेश में प्रचलित कुल 3,55,27,928 राशन कार्ड के सापेक्ष अब तक 1,58,82,830 राशन कार्ड के 6,77,65,044 यूनिट्स पर कुल 3,38,825.220 मी0टन चावल का निःशुल्क वितरण किया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत अब तक 44.71 प्रतिशत राशन कार्ड के सापेक्ष 47.39 प्रतिशत यूनिट्स पर 47.71 प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री द्वारा कम्युनिटी किचेन और शेल्टर होम में उत्तम गुणवत्ता और पर्याप्त मात्रा में भोजन की व्यवस्था सम्बन्धी निर्देश के क्रम में श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में 704 सरकारी तथा 1369 स्वैच्छिक कम्यूनिटी किचन के माध्यम से 12,05,397 लोगों को फूड पैकेट्स वितरित किये गये हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत प्रदेश में प्रचलित कुल 3,55,27,928 राशन कार्डों के सापेक्ष 11,39,048 कार्डों पर 2,44,133.555 मी0टन खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण किया गया। संस्थागत क्वारेंटाइन से होम क्वारेंटाइन भेजे गये व्यक्तियों के राशन की व्यवस्था की जाये।

अवनीश के. अवस्थी ने लाॅकडाउन की अवधि में उद्योग विभाग के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के कुल 23.70 लाख श्रमिकों एवं निराश्रित व्यक्तियों को भी एक-एक हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 36,090 फैक्ट्री से सम्पर्क किया गया, जिनमें 34,309 द्वारा अपने श्रमिकों को लगभग 512.98 करोड़ रुपये के वेतन का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 6,442 औद्योगिक इकाईयां चालू हो गई हैं। प्रदेश में 909 फ्लोर मिल, 419 तेल मिल एवं 267 दाल मिल संचालित हैं। प्रदेश में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूेपमेन्ट एवं मास्क निर्माण की 70 यूनिट तथा सेनिटाइजर की 99 इकाईयां क्रियाशील हैं। प्रदेश में मेडिकल इक्यूपमेन्ट एवं दवा निर्माण से संबंधित 412 इकाईयां संचालित हैं। 

उन्होंने बताया कि आॅनलाइन शिक्षा व्यवस्था का निरन्तर अनुश्रवण करते हुए आॅनलाइन कोर्स की भी समीक्षा की जाये, जिससे लाॅकडाउन अवधि में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नाला सफाई, मार्ग निर्माण आदि परियोजनाओं की टेण्डर सहित विभिन्न प्रक्रियाएं ऑनलाइन प्रारम्भ की जाएं, जिससे लाॅकडाउन के तत्काल बाद कार्य प्रारम्भ हो सके। उन्होंने कहा कि online रजिस्ट्री का कार्य प्रारम्भ हो गया है। 

अवनीश अवस्थी ने बताया कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों का निरन्तर माॅनीटरिंग करें तथा सप्लाई चेन को बनाये रखे। स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों को पूरी तरह से सील कर, आवागमन को मजबूती से रोका जाये तथा घर-घर सेनेटाइजेशन कराया जाये। कोरोना वायरस के संक्रमण को छुपाने एवं जानबूझकर न बताने वाले लोगों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। ऐसे लोगों को प्रश्रय देने वालों और उनकी तलाशी में लापरवाही बरतने वाले सम्बंधित क्षेत्र के थानेदारों के विरुद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर शासन द्वारा अनुमन्य राशि से दिवंगत का अन्तिम संस्कार कराया जाए।

उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 179 हाॅट स्पाॅट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 1,81,993 मकान चिन्हित करते हुए 11,05,180 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। द्वितीय चरण में 93 हाॅट स्पाॅट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 2,16,400 मकान चिन्हित करते हुए 12,88,340 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। तृतीय चरण में 07 हाॅट स्पाॅट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 4009 मकान चिन्हित करते हुए 20,692 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। प्रदेश के हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में रह रहे लोगों को 1,648 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ एवं मैन के द्वारा दूध वितरित किया जा रहा है। फल एवं सब्जी वितरण के लिए कुल 4,090 वाहन लगाये गये हैं इन क्षेत्रों में 3,422 व्यक्तियों एवं 2,712 प्रोविजनल स्टोर के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है। हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों के लिए 166 सामुदायिक किचन संचालित हैं।
श्री अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लाॅक डाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 20,453 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 18,48,143 वाहन की सघन चेकिंग में 24,667 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 8,11,80,456 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 1,60,110 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 549 लोगों के खिलाफ 435 एफआईआर दर्ज करते हुए 199 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार फेक न्यूज पर कड़ाई से नजर रख रही है। फेक न्यूज के तहत अब तक 375 मामलों का संज्ञान में लेते हुए साइबर सेल को सूचित किया गया है जो जांच के बाद कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13,484 बंदी पैरोल/जमानत पर रिहा किये गये है। इसके अतिरिक्त छोटे मामलों में निरूद्ध 425 बाल कैदियों को भी रिहा किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में डोर-स्टेप-डिलीवरी व्यवस्था के अन्तर्गत 21,842 किराना स्टोर क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से 50,569 डिलीवरी मैन आवश्यक सामग्री निरंतर पहुंचा रहे हैं। फल एवं सब्जी वितरण व्यवस्था के अन्तर्गत कुल 46,965 वाहनों की व्यवस्था की गयी है। इसी क्रम में कुल 53.82 लाख लीटर दूध उपार्जन के सापेक्ष 35.07 लाख लीटर दूध का वितरण 20,900 डिलीवरी वैन के माध्यम से किया गया है।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 49 जिलों से 846 कोरोना पाॅजिटिव के मामले सामने आए हैं इनमें से 74 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 14 टेस्टिंग लैब क्रियाशील हंै। प्रदेश में अब प्रतिदिन 2,000 से अधिक सैम्पल टेस्ट किये जा रहे हैं, कल 2,962 सैम्पल टेस्ट किये गये हैं, जबकि 3200 से अधिक सैम्पल टेस्टिंग हेतु भेजे गये। अब तक 23,393 लोगों का टेस्ट किया गया जिसमें से 22,547 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 993 लोगों को आइसोलेशन में तथा 10714 लोगों को फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखा गया है। लखनऊ, गोण्डा, बरेली, हरदोई, शाहजहांपुर, पीलीभीत एवं आगरा में 58 पूल बनाकर 290 सैम्पल्स की पूल टेस्टिंग की गयी। उन्होंने बताया कि पीलीभीत, हाथरस और महराजगंज में अब कोरोना का कोई एक्टिव केस नहीं है। 
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