UPCM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ की प्रथम बैठक सम्पन्न

लखनऊ (09 जुलाई, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के गठन के बाद बोर्ड की प्रथम बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने विचारोपरान्त बुन्देलखण्ड में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ का कैम्प कार्यालय खोले जाने की कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद विकास योजना की बैठकों में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के पदाधिकारियों व सदस्यों को भी सम्मिलित किया जाए। उनके आने-जाने, फूडिंग, लाॅजिंग की भी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के पदाधिकारियों व सदस्यों से कहा है कि वे बुन्देलखण्ड क्षेत्र के समग्र विकास के सन्दर्भ में ठोस कार्य योजना से सम्बन्धित प्रस्ताव प्रस्तुत करें। सरकार उन पर विचार कर उन्हें शीघ्र लागू करेगी। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के 07 जनपदों-झांसी, ललितपुर, जालौन, चित्रकूट, बांदा, महोबा तथा हमीरपुर में पाइप के माध्यम से पेयजल और सिंचाई के सम्बन्ध में योजनाओं की दिशा में शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का कार्य भी 3-4 महीनों में प्रारम्भ हो जाएगा। इन योजनाओं के प्रारम्भ हो जाने से बुन्देलखण्ड के विकास की तस्वीर बदलेगी।

UPCM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ की प्रथम बैठक सम्पन्न

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड में स्पोट्र्स काॅलेज की स्थापना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए किसी उपयुक्त स्थान को चिन्ह्ति किए जाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए बुन्देलखण्ड में 02 आवासीय विद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे। इनके लिए भी स्थान की तलाश की जाए। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश में निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए सरकार प्रति गोवंश प्रतिमाह 900 रुपए की राशि कृषकों के खाते में अन्तरित करेगी। इस योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बुन्देलखण्ड में गौशाला निर्माण कार्यों में तेजी लाए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड में खनन उद्योग की व्यापक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने इसके सम्बन्ध में खनन पाॅलिसी के निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में पर्यटन, कृषि व कृषि विविधीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना, सौर ऊर्जा आदि की भी अच्छी सम्भावनाएं हैं। इन सभी के सन्दर्भ में ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ प्रस्ताव लाए। उन्होंने कहा कि डिफेंस काॅरीडोर और बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर उद्योग स्थापना के सन्दर्भ में भी ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ अपने सुझाव प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड की प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाते हुए उनके जीवन स्तर को उन्नत किए जाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ की एक बड़ी जिम्मेदारी है। प्रत्येक 03 माह पर ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ की बैठक आयोजित की जाए और उसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के सुझाव व प्रस्ताव शासन-प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 08 आकांक्षात्मक जनपदों में बुन्देलखण्ड का चित्रकूट जनपद भी शामिल है। इस जनपद तथा बुन्देलखण्ड के अन्य जनपदों को शिक्षा, स्वास्थ्य, फाइनेन्शियल इंक्लूजन, कौशल विकास, पोषण और अवस्थापना के मानकों में सुधान की आवश्यकता है। इसके साथ ही, बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए कृषि और जल संरक्षण के कार्यों पर भी जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी प्रस्तावों पर राज्य सरकार विचार करते हुए हर सम्भव सहयोग करेगी। उन्होंने मन्दाकिनी नदी सहित तालाबों, कुंओं, बावड़ियों आदि के पुनरुद्धार की कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के पदाधिकारियों व सदस्यों से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास से सम्बन्धित सुझाव आमंत्रित किए और उन पर विचार कर लागू किए जाने का आश्वासन दिया। सदस्यों ने मुख्य रूप से बुन्देलखण्ड में तालाबों, कुंओं, बावड़ियों, सिंचाई व पानी के साधनों, उद्योग धन्धों को बढ़ाए जाने, कृषि विविधीकरण, उद्यान व डेयरी, सुगन्धित व औषधीय पौधों की खेती, पर्यटन, अन्ना पशुओं, वृक्षारोपण आदि के सम्बन्ध में सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के गठन के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव नियोजन दीपक त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रशान्त त्रिवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, ‘बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड’ के अध्यक्ष कुं. मानवेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल व राजा बुन्देला व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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