पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी पर साधा निशाना बोले सोनभद्र में जमीन की रजिस्ट्री किसके कहने पर हुई?

उत्तर प्रदेश (13 सितम्बर, 2019)।
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का लखनऊ से रामपुर जाते हुए रास्ते में जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। हजारों की तादाद में पार्टी कार्यकर्ता उनके जिंदाबाद के गगनभेदी नारे लगा रहे थे। हर ओर जन सैलाब दिखाई पड़ रहा था। रामपुर प्रस्थान से पूर्व उन्होंने मोहल्ला मिरधान, फरीदपुर जिला बरेली में पूर्व विधायक स्व. सियाराम सागर को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पूर्व मुख्यमंत्री मोहम्मद आजम खां से मिलने के अलावा कई प्रतिनिधिमण्डलों से भी मिलेंगे और जौहर विश्वविद्यालय भी जाएंगे।



पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। पता नहीं वह किस बात का बदला ले रही है। सरकार को कानून व्यवस्था ठीक करने, मंहगाई कम करने, भुखमरी और बेरोजगारी रोकने का काम करना चाहिए पर वह हर चीज रामपुर में खोज रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था चैपट है। युवा बेकारी में भटक रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट, सुप्रीमकोर्ट पर पूरा भरोसा है। पूरी पार्टी वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां के साथ है। उनको राजनीतिक मदद देंगे। मोहम्मद आजम खां को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे रामपुर जा रहे हैं जिसका कार्यक्रम पहले भेजा जा चुका है। प्रशासन ने पहले मोहर्रम और गणेश पूजा के कारण आपत्ति की थी तो मैंने वह कार्यक्रम रद्द कर दिया था। कानून व्यवस्था मैं क्यों भंग करूंगा?



अखिलेश यादव ने कहा कि #मुख्यमंत्री_योगी_आदित्यनाथ को बताना चाहिए कि सोनभद्र में जमीन की रजिस्ट्री किसके कहने पर हुई? दाखिल खारिज किसने कराया? कौन उसमें मदद कर रहा था? यह सब भाजपा नेता के इशारे पर हुआ। जमीन छीनने का काम भाजपा के समय हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में विद्युत संकट भाजपा की देन है। भारत सरकार ने कोटा नहीं बढ़ाया। बिजली का इंतजाम नहीं हुआ लेकिन जनता के सिर बिल थोप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हम जनता के बीच रहकर काम करेंगे। जनता चाहती है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बने। भाजपा ने तो धोखा ही दिया है। सन् 2022 में किसान, नौजवान मिलकर समाजवादी सरकार बनाएं।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि नोटबंदी के दो सालो में जाली नोटों की संख्या का दस गुना बढ़ जाना बेहद चिंताजनक विषय है। नोटबंदी के समय जाली नोटों का जो तर्क दिया गया था वह भी अब जाली साबित हो गया है। अब भाजपा का सच सामने आने लगा है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा भाजपा सरकार अपने कागजी कामों का कागजी प्रचार करके खुश हो रही है किन्तु जनता बेचारी परेशानी में है। रोजी-रोजगार का बंटाधार हो गया है। भाजपा सरकार ने विज्ञापन पर जितने करोड़ खर्च किए हैं उतने तो मिषन मंगल और चंद्रयान-2 पर मिलाकर भी खर्च नहीं हुए है।
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