UPCM मंत्रिमंडल के गन्ना मंत्री ने सचिवों को प्रतिदिन समिति कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश (27 दिसम्बर, 2018)।
UPCM सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए पर्ची निर्गमन का कार्य चीनी मिलों से वापिस लेकर सहकारी गन्ना विकास समितियों को सौप दिया था, क्योंकि पिछली सरकारों द्वारा यह कार्य विगत कई वर्षों से चीनी मिलों को दे दिया गया था जिससे गन्ना किसान संतुष्ट नहीं थे और यह कार्य गन्ना समितियों को वापिस किये जाने की लगातार मांग कर रहे थे।

UPCM मंत्रिमंडल के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि गन्ना विभाग द्वारा कृषक हित में गन्ना समितियों के माध्यम से पर्ची निर्गमन एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु लगातार प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं, जिसके तहत् गन्ना किसानों की दिन-प्रतिदिन आ रही समस्याओं के त्वरित निदान हेतु गन्ना समिति के सचिवों को प्रतिदिन प्रातः 11ः00 बजे से अपराह्न 2ः00 बजे तक अनिवार्य रूप से समिति कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया। गन्ना किसानों को समय से पर्चियां उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से इस बार पेपर पर्ची के अतिरिक्त एस.एम.एस. पर्ची गन्ना किसानों के मोबाइल पर पर्ची प्रिन्टिंग के साथ ही प्रेषित की जा रही है। एस.एम.एस. पर्ची के द्वारा कृषक त्वरित गति से पर्ची का संदेश प्राप्त कर लेता है और गन्ना माफियाओं द्वारा पेपर पर्ची नष्ट करने आदि असुविधाओं से बचते हुए समय से गन्ना आपूर्ति करने सफल हो रहा है। इसके अतिरिक्त एस.एम.एस. पर्ची से गन्ना तौल को प्राथमिकता भी प्रदान की गयी है।

गन्ना मंत्री द्वारा यह जानकारी भी प्रदान की गई कि, पर्ची निर्गमन हेतु समितियों के स्तर से योजित सेवा प्रदाता द्वारा वेबसाइट एवं मोबाइल एप के माध्यम से गन्ना किसानों को गन्ना सर्वे, पर्ची निर्गमन आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है। गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन के सम्बन्ध में जानकारी हेतु समिति एवं चीनी मिल स्तर पर इन्क्वायरी टर्मिनल स्थापित किये गये हैं, जिसके माध्यम से कृषक गन्ना सर्वे, पर्ची निर्गमन आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। कार्यदायी संस्थाऐं प्रत्येक जनपद में पर्ची निर्गमन केन्द्रों की स्थापना भी करेगीं और समितियों को श्रेणीवार अतिरिक्त डाटा इन्ट्री आपरेटर की व्यवस्था करते हुए पर्ची प्रिन्टिंग व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर और सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कम्पयूटर्स और प्रिन्टर्स की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

गन्ना किसानों की समस्याओं को सुनने हेतु टोल फ्री किसान काल सेन्टर 1800-121-3203 स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से 24ग्7 घण्टे कृषकों की समस्यायें सुनी जा रही हैं तथा उनका निदान भी किया जा रहा है। गन्ना परिक्षेत्रों हेतु नामित मुख्यालय के नोडल अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्थलीय क्षेत्र भ्रमण कर गन्ना किसानों की समस्याओं का निदान भी किया जा रहा है। वर्तमान पेराई सत्र में प्रदेश की चीनी मिलों का औसत चीनी परता 10.77 प्रतिशत प्राप्त हो रहा है जो गत वर्ष इसी तिथि में 10.12 प्रतिशत ही था। उक्त आंकड़े इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि गन्ना कृषकों को समय से पर्चियां प्राप्त हो रही हैं तथा उनके द्वारा प्राप्त पर्चियों पर मिलों को ताजे गन्ने की आपूर्ति की जा रही है।

गन्ना कृषकों के हित में लिये गये इस निर्णय से किसानों में हर्ष व्याप्त है व इसके लिये लगातार गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों द्वारा समितियों के अधिकार बहाल करने पर UPCM, गन्ना मंत्री एवं गन्ना आयुक्त के प्रति आभार और धन्यवाद ज्ञापन के पत्र गन्ना मुख्यालय को भेजे जा रहे हैं।

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