UPCM ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की प्रथम बैठक की अध्यक्षता की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की प्रथम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में इस क्षेत्र का समुचित और सुनियोजित विकास अत्यन्त आवश्यक है, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि ब्रज तीर्थ के विकास के लिए कार्य योजना तैयार की जाए और इस पर फेजवाइज़ काम किया जाए। साथ ही, यह भी तय किया जाए कि कौन सी संस्था किस कार्य को करेगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास में काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के तहत कौन से कार्य कराए जा सकते हैं, उन्हें चिन्ह्ति कर लिया जाए।

UPCM शास्त्री भवन में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए
UPCM शास्त्री भवन में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए

UPCM ने कहा कि भारत सरकार के पर्यटन तथा संस्कृति मंत्रालयों द्वारा संचालित योजनाओं के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि का प्रयोग ब्रज तीर्थ विकास के लिए किया जाए। इसके लिए इन मंत्रालयों द्वारा निर्धारित किए गए मानकों के अनुरूप योजनाएं बनाकर इनसे सामंजस्य स्थापित करते हुए धनराशि अवमुक्त कराने के लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं। इन मंत्रालयों के मंत्रिगणों तथा उच्चाधिकारियों के साथ इस सम्बन्ध में बैठक कर कार्यवाही की जाए। इस कार्य को शीघ्रता से किया जाए, ताकि ब्रज तीर्थ का विकास तीव्र गति से किया जा सके।

UPCM ने कहा कि ब्रज क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर कराए जा रहे निर्माण कार्यों में लोकल आर्किटेक्चर का ध्यान रखा जाए और इनमें वहां की संस्कृति भी प्रतिबिम्बित की जाए। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र के स्थानीय पारम्परिक भवन स्थापत्य का ध्यान रखा जाए। उन्हांेंने कहा कि पर्यटकों और परिक्रमार्थियों की सुविधा के लिए इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थलों पर विस्तृत सूचना पट लगाए जाएं, ताकि उन्हें पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही, पूरे क्षेत्र का ट्रैफिक ठीक से संचालित करने की व्यवस्था की जाए, जिससे लोगों को चलने में असुविधा न हो।

UPCM ने कहा कि पूरे ब्रज क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किया जाए, जिसके माध्यम से पर्यटकों तथा परिक्रमार्थियों को सूचित करने के साथ-साथ उन्हें दिशा-निर्देश भी दिए जा सकें। उन्होंने कहा कि पूरे ब्रज तीर्थ क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त की जाए। जहां-जहां आवश्यकता हो, वहां हाईमास्ट लगाए जाएं, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो और शहर का आभा मण्डल बन सके। यात्रियों की सुविधा के लिए धर्मशालाएं और रैन बसेरे भी स्थापित किए जाएं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए टूरिस्ट पुलिस की तैनाती की जाए। साथ ही, जहां आवश्यक हो, वहां सुन्दर प्रवेश द्वारों का भी निर्माण कराया जाए। उन्होंने पूरे ब्रज तीर्थ क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए निरन्तर सफाईकर्मी तैनात करने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि प्रदेश के सभी तीर्थ स्थलों पर पेयजल, साफ-सफाई तथा सुरक्षा का बहुत ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि पर्यटकों को कोई दिक्कत न हो। साथ ही, पूरे ब्रज तीर्थ क्षेत्र में जनसुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सुचारु ट्रैफिक संचालन के लिए पार्किंग का विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए पूरे ब्रज तीर्थ क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएं।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने परिषद द्वारा कराए जाने वाले प्रस्तावित कार्यों के विषय में जानकारी दी तथा उन्हें बोर्ड के समक्ष अवलोकनार्थ एवं अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, मथुरा के प्रस्तावित कार्यों को सम्पादित कराए जाने हेतु मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण, मथुरा को कार्यदायी संस्था नामित किए जाने का भी प्रस्ताव दिया। साथ ही, ब्रज विकास योजना तैयार करने के लिए एक कंसल्टेण्ट की नियुक्ति के सम्बन्ध में विचार किया गया। बैठक में ऐतिहासिक स्थलों पर हेरिटेज वाॅक की स्थापना के लिए सलाहकार की नियुक्ति के सम्बन्ध में भी प्रस्ताव दिया गया।

UPCM ने इस बैठक के एजेण्डे में शामिल प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मथुरा के तीर्थ स्थलों पर केन्द्रित एक फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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