UPCM ने उत्तर प्रदेश राजस्व सामयिक संग्रह अमीनों और अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये

लखनऊ (28 फरवरी, 2019)
UPCM ने लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में 45 वर्ष से अधिक आयु वाले प्रदेश के सामयिक संग्रह अमीन एवं सामयिक संग्रह अनुसेवकों को विनियमितीकरण के उपरान्त नियुक्ति आदेश वितरित किये। कर्मियों के विनियमितीकरण के इस निर्णय के तहत 739 सामयिक संग्रह अमीनों एवं 1420 सामयिक संग्रह अनुसेवकों सहित कुल 2,159 कर्मियों को नियुक्ति आदेश वितरित किये जाएंगे।

UPCM ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लापरवाही के कारण यह मामले वर्षों से लम्बित थे। इन कर्मियों का विनियमितीकरण 10-12 साल पहले ही हो जाना चाहिए था।

UPCM उत्तर प्रदेश राजस्व सामयिक संग्रह अमीनों और अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र वितरित कार्य्रकम में
UPCM उत्तर प्रदेश राजस्व सामयिक संग्रह अमीनों और अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र वितरित कार्य्रकम में

UPCM ने नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरान्त प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के राजस्व संग्रह में इन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि देर से ही सही, लेकिन अब उनके हक में यह निर्णय लिया गया है। यह कार्यक्रम राज्य सरकार के कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक रवैये की अभिव्यक्ति है।

UPCM ने कहा कि वर्ष 2017-18 में प्रति अमीन ने औसतन 42 लाख 16 हजार रुपए की राजस्व वसूली की है। वर्ष 2018-19 में 31 जनवरी तक 42 लाख 27 हजार रुपए का राजस्व प्रति अमीन द्वारा वसूला जा चुका है, जबकि अभी 02 महीने बाकी हैं।  वर्ष 2017-18 में 8788.79 करोड़ रुपए और वर्ष 2018-19 में 2,560 करोड़ 50 लाख रुपए का राजस्व संग्रह अब तक अमीनों द्वारा किया जा चुका है।

UPCM ने कहा कि बड़ी संख्या में संग्रह अमीनों ने 30-35 वर्ष कार्य करते हुए व्यतीत किये और रिटायर हो गए, लेकिन नियमित नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में विलम्ब क्यों हुआ, इस पर भी विचार किया जाना चाहिए।

UPCM उत्तर प्रदेश राजस्व सामयिक संग्रह अमीनों और अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र वितरित कार्य्रकम को सम्बोधित करते हुए
UPCM उत्तर प्रदेश राजस्व सामयिक संग्रह अमीनों और अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र वितरित कार्य्रकम को सम्बोधित करते हुए

UPCM ने कहा की शासन ने इन कर्मियों के प्रति संवेदनशीलता दिखायी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सामयिक संग्रह अमीन/संग्रह अनुसेवकों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जायेगा। विनियमितीकरण के बाद राजस्व संग्रह में दोगुनी बढ़ोतरी दिखनी चाहिए, ताकि हमें अपने इस कदम पर गर्व हो सके। अधिक राजस्व वसूली की धनराशि से विकास को गति मिलेगी। उन्होंने इन कर्मियों से राजस्व वसूली में पूरी ईमानदारी बरतने की भी अपेक्षा की।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राजस्व राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा कि UPCM ने सामयिक संग्रह अमीनों एवं संग्रह अनुसेवकों को विनियमित करने का जो जनकल्याणकारी फैसला लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

इस अवसर पर राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव रजनीश गुप्ता तथा बड़ी संख्या में अमीन/अनुसेवक उपस्थित रहे।

ज्ञातव्य है कि शासन को सम्पूर्ण प्रदेश से 739 सामयिक संग्रह अमीन एवं 1420 सामयिक संग्रह अनुसेवक, जो 45 वर्ष की आयु से अधिक हो चुके थे, के विनियमितीकरण किये जाने के उद्देश्य से आयु सीमा शिथिल किये जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था।

सम्यक विचारोपरान्त उदार एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा यह निर्णय किया गया कि ऐसे सभी सामयिक संग्रह अमीन/संग्रह अनुसेवकों द्वारा विगत वर्षों में निःस्वार्थ भाव से किये गये कार्यों का सम्मान करते हुए एवं उनके परिजनों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए, उन्हें सेवायोजित किया जाये। तत्क्रम में शासनादेश संख्या-146/एक-7-2019-रा0-07 दिनांक 22 फरवरी, 2019 को ऐसे सभी सामयिक संग्रह कार्मिकों को 45 वर्ष की अधिक आयु हो जाने के उपरान्त नियमावली में शिथिलता प्रदान करते हुए, उन्हें विनियमित किये जाने के निर्देश समस्त जिलाधिकारियों को दिये गये।

प्रदेश सरकार के इस निर्णय से 739 सामयिक संग्रह अमीन एवं 1420 सामयिक संग्रह अनुसेवक कुल 2159 कर्मियों को नियमित सेवा में योजित किये जाने से उनके परिजन निश्चित रूप से हर्षित एवं लाभान्वित होंगे। प्रदेश सरकार की भी यही मंशा है।

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