UPCM ने 08 महत्वाकांक्षी जनपदों के अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की

लखनऊ (12 जुलाई, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 08 महत्वाकांक्षी जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नीति आयोग के मानकों के आधार पर अपनी रैंकिंग में सुधार लाने का युद्ध स्तर पर प्रयास करें। इस सम्बन्ध में प्रत्येक माह समीक्षा करें और ठोस कार्य योजना बनाते हुए यह सुनिश्चित करें कि उनसे सम्बन्धित जनपद देश में रैंकिंग के मामले में टाॅप 10 पर आएं। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में नियमित रूप से आंकड़ों की शुद्धता के साथ डेटा फीडिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने लोक भवन में प्रदेश के 08 महत्वाकांक्षी जनपदों के रूपान्तरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों एवं सम्बन्धित अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों को सम्बोधित किया। यह जनपद हैं-चित्रकूट, बलरामपुर, बहराइच, सोनभद्र, श्रावस्ती, चन्दौली, सिद्धार्थनगर और फतेहपुर।

UPCM महत्वाकांक्षी जनपदों के अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग करते हुए

मुख्यमंत्री ने इन जनपदों पर नीति आयोग द्वारा दिए गए 06 विषयगत क्षेत्रों-स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेषण एवं कौशल विकास और आधारभूत संरचना में रैंकिंग के सम्बन्ध में अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बहराइच, सिद्धार्थनगर की ओवर ऑल रैंकिंग में गिरावट आयी है, जिस पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर, श्रावस्ती और चित्रकूट, सोनभद्र और बहराइच जनपदों की समग्र रैंकिंग में प्रथम 20 स्थानों में से रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सम्बन्धित जनपदों के अधिकारी टीम वर्क के साथ कार्य करें तो परिणाम अच्छे आएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि इन जनपदों से सम्बन्धित जिलाधिकारी एवं मण्डलों के मण्डलायुक्त भी रैंकिंग के सम्बन्ध में निरन्तर समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने जिन विषयगत क्षेत्रों में सम्बन्धित जनपदों की रैंकिंग में गिरावट आयी, उनके जिलाधिकारियों एवं सम्बन्धित अधिकारियों से गिरावट के कारणों के बारे में पूछा। स्वास्थ्य एवं पोषण की रैंकिंग में गिरावट के लिए उन्होंने चन्दौली, फतेहपुर, बहराइच एवं सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारियों को सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार शिक्षा के सम्बन्ध में भी उन्होंने कहा कि रैंकिंग को हर हाल में सुधारा जाए।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और पोषण के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की अपेक्षित संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जनमानस को सुचारु रूप से चिकित्सकीय सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध करायी जाएं। आई.सी.डी.एस. योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 0 से 06 आयु वर्ग के बच्चों, धात्री, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के टीकाकरण, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता, जागरूकता के साथ-साथ पोषाहार वितरण की सेवाओं में कोई शिकायत न आए। आंगनबाड़ी केन्द्रों को माॅडल केन्द्रों के रूप में विकसित किया जाए, जिसमें बच्चों के खेलने, शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था हो। शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। गम्भीर रूप से कुपोषित बच्चों की चिकित्सा एवं पोषण देखभाल के लिए पोषण केन्द्रों की स्थापना सुनिश्चित करते हुए नवजात शिशुओं को नियमित टीकाकरण एवं कम वजन वाले बच्चों की विशिष्ट देखभाल की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही, इन सभी कार्यक्रमों से वंचित बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन जनसहभागिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि स्कूल चलो अभियान के तहत कोई भी बच्चा प्राथमिक शिक्षा से वंचित न रहे। इस कार्यक्रम को जन आन्दोलन के रूप में चलाते हुए सभी बच्चों का दाखिला सुनिश्चित किया जाए। सभी बच्चों को किताबें, स्कूल बैग, यूनीफाॅर्म आदि समय से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 10 हजार अध्यापक इन महत्वाकांक्षी जनपदों में तैनात किए जा चुके हैं। अध्यापकों की अनिवार्य उपस्थित एवं अध्यापन कार्य सुनिश्चित कराया जाए। गुणवत्तापूर्ण ढंग से शिक्षा प्रदान की जाए। बच्चों की लर्निंग क्षमता में वृद्धि हो। भाषा और गणित पर विशेष ध्यान दिया जाए। ड्राॅप आउट बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क कर उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। विद्यालयों को गोद लिए जाने के लिए भी प्रेरित किया जाए। शिक्षामित्रों, अवकाश प्राप्त शिक्षकों के माध्यम से शिक्षा प्रदान किए जाने की व्यवस्था हो।

UPCM महत्वाकांक्षी जनपदों के अधिकारियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग करते हुए

मुख्यमंत्री ने कृषि एवं जल संसाधन के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि किसानों को प्रमाणित/उन्नतशील बीज, उर्वरक की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और अधिक से अधिक किसानों को ऋण की सुविधा उपलब्ध करायी जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को लाभान्वित कराया जाए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रचार-प्रसार करते हुए इससे अधिक से अधिक कृषकों को जोड़ा जाए। मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ मृदा परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित हो। सिंचाई की नवीनतम तकनीक-ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जाएं। मनरेगा के अन्तर्गत जल स्रोतों का पुनरोद्धार प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय समावेषण एवं कौशल विकास के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए। मुद्रा ऋण आवेदनों का समय से निपटारा हो। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में दावा निपटाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि क्लेम राशि को दावेदार के खाते में सीधे हस्तांतरित करने की सुविधा उपलब्ध करायी जाए। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत सभी लोगों के खाते खुलवाने की व्यवस्था की जाए। अटल पेंशन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को लक्षित किया जाए। युवा आबादी के लिए रोजगार मेलों की व्यवस्था हो। उनके प्रशिक्षण के लिए लक्ष्यों का निर्धारण किया जाए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और माटी कला बोर्ड के तहत रोजगार उपलब्ध कराए जाएं। कौशल विकास मेलों और सामुदायिक भागीदारी के जरिए युवाओं के मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाए। स्थानीय जरूरत के आधार पर कोर्स सुनिश्चित करते हुए पाठ्यक्रम निर्धारण में स्थानीय उद्योगों को शामिल किया जाए। आई.टी.आई. और अल्पकालिक प्रशिक्षण केन्द्रों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने आधारभूत संरचना के सम्बन्ध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौजूदा पेयजल योजनाओं का संचालन और अनुरक्षण सुनिश्चित किया जाए। वर्षा जल संरक्षण एवं भूजल रीचार्जिंग के माध्यम से जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित किए जाएं। बेसलाइन सर्वे के बाहर के परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो। प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि का सही उपयोग एवं निर्मित आवासों का पारदर्शी तरीके से पात्र को आवंटन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। विशेष शिविरों के माध्यम से विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनसे सम्बन्धित परियोजनाओं को शीघ्रता से पूर्ण कराया जाए। काॅमन सर्विस सेण्टर और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित हो। प्रत्येक विकासखण्ड में आदर्श गांव का निर्माण किया जाए। गांवों में इण्टरनेट कनेक्शन सम्बन्धी कार्य प्राथमिकता के स्तर पर कराए जाएं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव पशुपालन सुधीर बोबडे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, सचिव नियोजन नीना शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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