UPCM ने गोरखपुर में बन रहे गुरू गोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण किया

उत्तर प्रदेश (गोरखपुर)।
UPCM ने जनपद गोरखपुर केे चैक माफी पीपीगंज में बन रहे गुरू गोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर वहां के कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के साथ ही अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

UPCM गोरखपुर में बन रहे गुरू गोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण करते हुए
UPCM गोरखपुर में बन रहे गुरू गोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण करते हुए

साथ ही निरीक्षण से पहले UPCM ने चैक माफी पर स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना की।

UPCM गोरखपुर के पीपीगंज, भरोहिया, गोरखपुर स्थित शिव मंदिर मे पूजा करते हुए
UPCM गोरखपुर के पीपीगंज, भरोहिया, गोरखपुर स्थित शिव मंदिर मे पूजा करते हुए

UPCM ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र बन जाने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक विभिन्न क्षेत्रों- जैसे पशुपालन, कृषि, मत्स्य आदि के सम्बन्ध में किसानों को जानकारी देंगे। यहां समय-समय पर किसानों को नई तकनीक की जानकारी मिलने के साथ ही अच्छे बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

UPCM ने कहा कि कृषकों को खेती के नये तरीके एवं बाजार की मांग के अनुरूप जानकारी देकर उनकी आय में वृद्धि किए जाने के दृष्टिगत गोरखपुर जनपद में दो कृषि केन्द्र हो जायेंगे। एक केन्द्र पहले से संचालित है, यह दूसरा कृषि विज्ञान केन्द्र होगा। इस कृषि विज्ञान केन्द्र का उद्देश्य है किसानों को खेती-बाड़ी की नयी तकनीक के साथ जोड़ना, उन्नत बीज एवं बाजार की मांग के अनुरूप फसल बोने के लिए उत्साहित करना तथा पशुपालन, मछली पालन एवं अन्य क्षेत्र में जानकारी देकर किसानांे की आय दोगुना करना, जिससे उनका जीवन खुशहाल हो सके।

UPCM गोरखपुर में बन रहे गुरू गोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर कर वहां के कार्यों के बारे में जानकारी लेते हुए
UPCM गोरखपुर में बन रहे गुरू गोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर कर वहां के कार्यों के बारे में जानकारी लेते हुए

UPCM ने कहा कि प्रदेश के अन्दर 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना के लिये भारत सरकार को प्रस्ताव दिया गया है और हमें खुशी है कि भारत सरकार ने बड़े जनपदो में दो-दो कृषि विज्ञान केन्द्र और छोटे जनपदो में एक-एक कृषि विज्ञान केन्द्र देने के लिए अपनी सहमति दी है। पिछले एक वर्ष के अन्दर हम लोगों ने अधिकतर कृषि विज्ञान केन्द्रों को सक्रिय किया है। इन कृषि विज्ञान केन्द्रों को कृषि विश्वविद्यालय से जोड़कर किसानों को प्रशिक्षण एवं मौसम के अनुरूप खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अगर किसान इन केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षित हो जाये तो किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनके जीवन में खुशहाली आयेगी।

UPCM ने कहा कि यह कृषि विज्ञान केन्द्र 9-10 विकासखण्डों को ध्यान में रखकर कार्य करेगा। इस कृषि विज्ञान केन्द्र में एक प्रशासनिक भवन, मृदा प्रशिक्षण केन्द्र होगा। इसमें उद्यान, कृषि तथा पशुपालन से सम्बंधित वैज्ञानिक रहेंगे। किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने के लिए किसान छात्रावास भी बनाया जा रहा है, जहां पर वे रहकर प्रशिक्षण भी प्राप्त करेगें। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भारत सरकार की यह अभिनव पहल है, जो कि किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।

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