UPCM ने सभी मण्डलायुक्तों और नगर आयुक्तों के साथ बैठक की

लखनऊ (03 जून, 2019)
UPCM ने कहा है कि प्रयागराज कुम्भ-2019 में स्वच्छता का जो मानक प्रस्तुत किया गया है, सभी नगर निगमों में इसी मानक के अनुरूप स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। जनसहयोग से इस कार्य में वांछित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। मण्डलायुक्त पूरे मण्डल के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता की स्थिति देखकर जवाबदेही तय करें। सभी नियुक्त सफाईकर्मियों द्वारा सफाई कार्य किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी जांच अवश्य करायें।

UPCM ने लोक भवन में प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों और नगर आयुक्तों के साथ शहरों की सफाई, पाॅलीथीन पर रोक, नगरीय क्षेत्र में गोवंश संरक्षण, स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत मिशन, शहरों में नालों को टैप किये जाने की प्रगति, एस.टी.पी. के निर्माण की प्रगति एवं नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बैठक के एजेण्डा के बिन्दुओं के अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, सौभाग्य योजना, निराश्रित, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन सहित शासन द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर मण्डलायुक्त द्वारा मण्डल स्तर पर समीक्षा की जाए। समीक्षा बैठक कार्यालय स्तर तक ही सीमित न रहे, बल्कि योजनाओं का भौतिक सत्यापन भी किया जाए।

UPCM ने कहा कि मण्डलायुक्त 10 जून, 2019 तक इन बिन्दुओं पर समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार कर लें। 11 जून से 15 जून, 2019 तक प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव एवं मंत्री स्तर पर समीक्षा की जाएगी। 16 जून से 15 जुलाई, 2019 तक UPCM द्वारा स्वयं मण्डलीय समीक्षा बैठकें की जाएंगी।

UPCM ने कहा कि स्वच्छता मिशन एक अत्यन्त महत्वपूर्ण अभियान है। प्रधानमंत्री स्वयं इस अभियान में सम्मिलित हुए हैं। इसे सफल बनाने के लिए जनसहयोग सहित सभी सम्भव प्रयत्न किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पाॅलीथीन पर कड़ाई से प्रतिबन्ध लगाये बगैर स्वच्छता अभियान का लक्ष्य पूरा नहीं होगा। इसलिए पाॅलीथीन को कड़ाई से प्रतिबन्धित किया जाए। इसके प्रति जनता और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग के माध्यम से जनजागरूकता फैलायी जाए। पाॅलीथीन पर प्रभावी रोक के लिए आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्यवाही भी की जाए। उन्होंने कहा कि कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऐसे नगरों में जहां निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था न हो, वहां कूड़े का डम्पिंग ग्राउण्ड आबादी से दूर बनाया जाए।

UPCM ने बैठक में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मथुरा, बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद, झांसी, सहारनपुर आदि नगर निगमों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों के निर्माण की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माणाधीन गोवंश आश्रय स्थलों को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये।

UPCM को जानकारी दी गई कि 652 नगर निकायों में से 638 ओ.डी.एफ. घोषित किये जा चुके है। इनमें से 445 नगर निकायों को क्यू.सी.आई. के माध्यम से प्रमाणित भी किया गया है। UPCM ने कहा कि 30 जून, 2019 तक अवशेष नगर निकायों को ओ.डी.एफ. घोषित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अभियान चलाकर कार्यवाही की जाए।

UPCM ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मण्डलायुक्त महत्वपूर्ण संस्था है। इस संस्था को सुदृढ़ किये जाने की आवश्यकता है। इसे सुदृढ़ करने के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव महीने में एक बार मण्डलायुक्तों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि इस संस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी स्वयं मण्डलायुक्तों को भी लेनी पडे़गी। इनके पास लम्बा प्रशासनिक अनुभव होता है। इसका उपयोग निर्णय लेने में किया जाना चाहिए। निर्णय पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ लिया जाना चाहिए।

UPCM ने कहा कि मण्डलायुक्त, विकास प्राधिकरण व्यवस्था को सुचारू बनाये। इसके लिए मण्डलायुक्त द्वारा विकास प्राधिकरण एवं आवास विकास परिषद के कार्यों की समीक्षा की जाए। 1 जुलाई से 31 जुलाई, 2019 तक स्कूल चलो अभियान संचालित किया जाए। मण्डलायुक्त बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सुनिश्चित करें कि सभी बच्चे स्कूल जाएं। वह SDM, तहसीलदार, डिप्टी एस.पी., थानाध्यक्ष की अपने कार्य स्थान पर उपस्थिति भी सुनिश्चित कराएं।

UPCM ने कहा कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित कार्याें, O.D.O.P., विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जनपदों के तय मानकों की प्रगति की समीक्षा मण्डलायुक्त के स्तर पर की जानी चाहिए। मण्डलायुक्त प्रत्येक सप्ताह अपने मण्डल के विभिन्न जिलों का भ्रमण करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि जनकल्याणकारी योजनाओं में जिस कार्य के लिए धनराशि दी जा रही है, वही कार्य सम्पादित कराया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि के सही इस्तेमाल के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

UPCM ने कहा कि प्रत्येक दशा में हर नगर को स्वच्छ और सुन्दर दिखना चाहिए। नगर आयुक्त अपनी इस जिम्मेदारी को भली-भांति समझ लें और नगर भ्रमण कर कार्याें की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बरसात में कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। इसके लिए 30 जून, 2019 तक प्रत्येक नाले एवं नाली से सिल्ट हटवाने की कार्यवाही कर ली जाए। इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों आदि के सम्पर्क मार्गाें की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

UPCM ने कहा कि नगरों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अभियान चलाकर ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक किया जाए। पार्काें का सौन्दर्यीकरण कराया जाए। निराश्रितों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था की जाए। भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।

इससे पूर्व, अधिकारियों द्वारा UPCM को शहरों की सफाई, पाॅलीथीन पर रोक, नगरीय क्षेत्र में गोवंश संरक्षण, स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत मिशन, शहरों में नालों को टैप किये जाने की प्रगति, एस.टी.पी. के निर्माण की प्रगति एवं नमामि गंगे परियोजना की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, वन मंत्री दारा सिंह चौहान, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 
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