UPCM मंत्रिमंडल के चीनी उद्योग मंत्री ने नई चीनी मिलों की स्थापना एवं पुरानी चीनी मिलों की पेराई क्षमता में विस्तार के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश।
UPCM द्वारा बंद पड़ी निगम क्षेत्र की चीनी मिलों को आगामी पेराई सत्र 2018-19 तक अवश्य तैयार कर लिये जाने के आदेश क्रम में गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम के प्रबन्ध निदेशक को इस दिशा में प्रतिदिन अनुश्रवण के निर्देश दिये हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश की बंद पड़ी चीनी मिल पिपराईच (गोरखपुर) एवं मुण्डेरवा (बस्ती) में शुगर काम्पलेक्स की स्थापना कराई जा रही है। इन दोनों स्थानों पर 5000 टी.डी.सी. की 2 नई चीनी मिलें तथा 27 मेगावाट क्षमता के बिजली उत्पादन संयत्र की स्थापना का कार्य प्रगति पर है और पिपराईच में 60 के.एल.पी.डी. की आसवनी भी स्थापित की जा रही है।

प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना किसानों की गन्ना आपूर्ति समस्या के समाधान के लिए अब प्रदेश में नई चीनी मिलों की स्थापना शुगर काम्पलेक्स के रूप में कराई जा रही है तथा पुरानी चीनी मिलों की पेराई क्षमता में वृद्धि भी की जा रही है। प्रमुख सचिव ने यह भी बताया कि सहकारी क्षेत्र की चीनी मिल रमाला (बागपत) की पेराई क्षमता 2500 से बढाकर 5000 टी.सी.डी. की जा रही है और 27 मेगावाट क्षमता के कोजन संयत्र की स्थापना भी की जा रही है। निगम क्षेत्र की चीनी मिल मोहिउद्दीनपुर (मेरठ) की पेराई क्षमता 2500 के बढाकर 3500 टी.सी.डी. की गई है तथा इस इकाई के साथ 15 मेगावाट का कोजन प्लान्ट भी स्थापित किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास ने बताया कि पिपराईच (गोरखपुर) मुण्डेरवा (बस्ती) चीनी मिलों का निर्माण कार्य माह जनवरी 2019 तक पूर्ण कराकर इनको फरवरी 2019 से संचालित किया जाएगा और रमाला चीनी मिल(बागपत) का विस्तारीकरण कार्य भी फरवरी 2019 तक पूर्ण कराकर आगामी पेराई सत्र में सहकारी क्षेत्र की इस चीनी मिल को बढ़ी हुई क्षमता पर संचालित कराया जाएगा।

सहकारी एवं निगम क्षेत्र की इन निर्माणाधीन एवं विस्ताराधीन चीनी मिलों में हो रहे निर्माण कार्य की समीक्षा और ट्रांसमिशन लाईन लेने व परियोजना स्थल के समीप प्रस्तावित कलवर्ट आदि के कार्य का मौके पर सतत निरीक्षण किया जा रहा है और साथ में गन्ना क्षेत्रफल के विकास कार्य का मूल्यांकन भी कराया जा रहा है।

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