UPCM NEWS, PM-मोदी ने सफाईकर्मियों के लिए ‘स्वच्छता सेवा सम्मान कोष’ की घोषणा की

प्रयागराज (24 फरवरी, 2019)।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनपद प्रयागराज में कुम्भ में स्वच्छता के लिए सफाईकर्मियों चौबी, ज्योती, प्यारेलाल, होरीलाल, नरेश कुमार के पांव पखारकर व कपड़े से पांव पोछकर उन्हें सम्मानित किया और अंग वस्त्र पहनाकर उनका अभिनन्दन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार के कुम्भ की पहचान स्वच्छता से हुई है। उन्होंने कहा कि आज जिन सफाई कर्मी भाई-बहनों के चरण धुलकर मैंने वन्दना की है, वह पल मेरे साथ जीवनभर रहेगा। महात्मा गांधी ने 100 साल पहले स्वच्छ कुम्भ की इच्छा जताई थी, जब वह हरिद्वार कुम्भ में गए थे। इस सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।

प्रधानमंत्री प्रयागराज कुम्भ मेला क्षेत्र स्थित गंगा पण्डाल में कुम्भ मेला-2019 को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने वाले स्वच्छताकर्मियों, पुलिसकर्मियों व नाविकों के सम्मान में आयोजित ‘स्वच्छ कुम्भ स्वच्छ आभार’ कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सफाईकर्मियों के लिए ‘स्वच्छता सेवा सम्मान कोष’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कोष से कुम्भ में लगे हुए सफाई कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों और अन्य निम्न आयवर्ग के कार्मिकों को विशेष परिस्थितियों में आर्थिक मदद की जाएगी। यह देशवासियों की तरफ से सफाईकर्मियों के प्रति आभार है।

प्रधानमंत्री ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। उन्होंने संगम पर मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। साथ ही, उन्होंने त्रिवेणी संगम में दुग्धाभिषेक किया। पूजा-अर्चना के बाद ‘दिव्य कुम्भ, भव्य कुम्भ’ सेल्फी प्वांइट पर उन्होंने फोटो भी खिंचवायी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयाग की भूमि पर आकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं। इस बार संगम में पवित्र स्नान करने का अवसर मिला। प्रयागराज का तप और तप के साथ इस नगरी का युगों पुराना नाता रहा है। कुम्भ में हठ योगी, तप योगी और मंत्र योगी भी हैं और इनके साथ मेरे कर्मयोगी भी हैं। ये कर्मयोगी वो लोग हैं, जो दिन रात मेहनत कर कुम्भ में सुविधा मुहैया कराए हैं। इन कर्मयोगियों में नाविक भी हैं। इन कर्मयोगियों में स्थानीय निवासी भी हैं। कुम्भ के कर्मयोगियों में साफ-सफाई से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। इन्होंने साफ-सफाई को पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना दिया।

प्रधानमंत्री ने UPCM द्वारा दिव्य एवं भव्य कुम्भ को सफल बनाने में किए गए परिश्रम की भी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके अहर्निश प्रयास से ही यह महान आयोजन सकुशल सम्पन्न हो रहा है। पहले कुम्भ के लिए अस्थायी व्यवस्था होती थी, लेकिन इस बार स्थायी व्यवस्था की गई है, जो आगे भी प्रयागराज वासियों की सुविधा के साथ-साथ कुम्भ आदि आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तप के साथ प्रयाग नगरी का नाता रहा है। जिस जगह 20-22 करोड़ लोग जुटे हों, वहां सफाई बहुत बड़ी चीज है। आपने साबित कर दिया है कि नामुमकिन कुछ भी नहीं है। कर्मयोगियों-स्वच्छाग्रहियों की मेहनत का पता मुझे दिल्ली में चलता था। उन्होंने कहा कि मीडिया में भी मैंने देखा है कि इस बार लोगों ने कुम्भ की सफाई की चर्चा की। इस बार कुम्भ की पहचान स्वच्छ कुम्भ के रूप में हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयागराज और नाविकों का पुराना सम्बन्ध है। बिना उनके भगवान श्रीराम की भी नैय्या पार नहीं लगी। मेरा और आपका रिश्ता है, क्योंकि आप खुद को भगवान राम का सेवक मानते हैं और मैं खुद को आपका प्रधानसेवक मानता हूं। मुझे जो कुछ मिला है मैंने मां गंगा की सेवा में समर्पित कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों ने साबित किया कि दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं। यह सफाईकर्मी बिना किसी की प्रशंसा के चुपचाप अपना काम कर रहे थे। लोग कुम्भ की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। इस प्रशंसा के हकदार आप हैं। उन्होंने साउथ कोरिया में मिले सियोल शांति पुरस्कार की राशि को ‘नमामि गंगे’ प्रोजेक्ट को समर्पित की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सियोल शांति पुरस्कार के तौर पर मिली राशि को मैंने खुद के लिए नहीं रखा, बल्कि ‘नमामि गंगे’ प्रोजेक्ट को समर्पित कर दी है।

प्रधानमंत्री ने मेले में लगे पुलिस कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कुम्भ में यूपी पुलिस ने जो भूमिका निभाई है, उसकी भी तारीफ चारों तरफ हो रही है। प्रधानमंत्री जी ने पुलिस बल एवं अर्द्धसैनिक बलों द्वारा दिन-रात लग कर किये गये सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन बलों ने बड़े ही सौम्य और मधुर व्यवहार से श्रद्धालुओं का मन जीता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक डूबते हुए श्रद्धालु को बचाने में एन.डी.आर.एफ. के जवान राजेन्द्र गौतम द्वारा अपने प्राण न्यौछावर कर देना उत्कृष्ट सेवा की मिसाल के रुप में जाना जायेगा। उन्होंने दिवंगत राजेन्द्र गौतम के परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ‘खोया-पाया विभाग’ तो सबको अपनो से मिला देता है। यहां खोया हुआ सामान भी मिल जाता था। दिव्य और भव्य कुम्भ का आयोजन आस्था, अध्यात्म एवं आधुनिकता की त्रिवेणी के रूप में जाना जाएगा। इसे डिजिटल कुम्भ के रुप में भी याद किया जाएगा। यहां साधु-संतों के आशीर्वाद और आप सभी के अनुशासन के कारण मेला सुरक्षित रूप से चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने गंगा पण्डाल के मंच पर सफाई कर्मचारियों में शीतल, सुमन देवी, चुनकी, कल्लू, सूरज एवं किशोरी लाल और राज कुमार व नम्रता सिंह स्वच्छाग्रही, जल पुलिस के मुनीश कुमार सिंह, सिविल पुलिस के संतोष, अग्निशमन के सुरेन्द्र कुमार, होमगार्ड के नागेन्द्र कृष्ण पाण्डेय, सी.आर.पी.एफ. के जवान विकास चन्द्र, एन.डी.आर.एफ. के जवान देवप्रकाश और नाविकों में राजू निषाद व लल्लन निषाद का प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

UPCM ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि देश में स्वच्छता का अलख जगाने वाले व दुनिया के सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रयागराज के कुम्भ में एक ‘स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ मेले’ की कल्पना ने साकार रुप लिया है। इसके फलस्वरुप यहां पर मानवता का विशाल समागम हुआ। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिव्य एवं भव्य कुम्भ का आयोजन दुनिया के लिए एक यादगार बन गया है। प्रयागराज के कुम्भ में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगायी। प्रधानमंत्री जी स्वयं इस विशाल आयोजन के भागीदार बने और पूरे कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम गंगा जी को निर्मल और अविरल बनाने में निरंतर सहायक सिद्ध हो रहा है।

UPCM ने कहा कि जब प्रधानमंत्री गुजरात में थे तो, उन्होंने अपने 30 लाख रुपए की धनराशि से सचिवालय के सफाई/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए एक कोष की स्थापना कर उनके पुत्रियों की शादी आदि के लिए व्यय किया था। प्रधानमंत्री को मिले विभिन्न पुरस्कारों आदि की धनराशि भी वे गरीब कन्याओं की शादी के लिए प्रदान कर देते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 12.50 करोड़ रुपए की नीलाम हुयी अपनी वस्तुओं की धनराशि को ‘नमामि गंगे’ हेतु दान कर दी। सियोल शान्ति पुरस्कार से प्राप्त धनराशि भी प्रधानमंत्री ने ‘नमामि गंगे’ के लिए दान कर दी है।

UPCM ने स्वच्छताग्रहियों, सफाईकर्मियों को दिव्य व भव्य कुम्भ बनाने में सहयोग करने पर कर्मयोगी बताते हुए उनका स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन में वे स्वच्छता के प्राण रुप में रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को कुम्भ कलश एवं कुम्भ का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने अपने सम्बोधन में सफाई कर्मचारियों की सेवा और साधना हेतु उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि सारे संसार ने कुम्भ मेले की व्यवस्था की तारीफ की गई है। यह व्यवस्था UPCM के परिश्रम एवं प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से सम्भव हुई है।

UP_Dy_CM केशव प्रसाद मौर्य ने कुम्भ मेले की दिव्यता और भव्यता की चर्चा करते हुए कहा कि कुम्भ मेले में ऐसा दृश्य पहले कभी देखने को नहीं मिला है। पूरे विश्व में इसकी जय-जयकार हो रही है।

इस अवसर पर UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहे।
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