UPCM ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया

लखनऊ (11 जून, 2019)।
UPCM ने लोक भवन में आयोजित आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। प्रस्तुतिकरण के दौरान UPCM को अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, आजमगढ़ और झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) के 26,178 लाभार्थियों की सूची सत्यापन हेतु सूडा/डूडा को प्रेषित की गई है।

UPCM ने कहा कि शहरों के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण रुचि लेकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण अवैध भू-निर्माण को चिन्हित करें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवास (शहरी) के तहत निर्मित किये जा रहे आवासों के निर्माण की गति को तेज करते हुए निर्धारित लक्ष्य को शीघ्र हासिल करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक जरूरतमन्द को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अवश्य मिले।

UPCM लोक भवन में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए
UPCM लोक भवन में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए

UPCM ने प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) के घटक ए.एच.पी. के अन्तर्गत प्रस्तावित संशोधन ई.डब्ल्यू.एस. आवासीय इकाइयों का क्षेत्रफल न्यूनतम कारपेट एरिया 22.77 वर्ग मीटर से 30 वर्ग मीटर के मध्य (टिपिकल प्लान 3 क) (अधिकतम भवन मूल्य 4.50 लाख रुपये) अथवा ई.डब्ल्यू.एस. आवासीय इकाइयों का क्षेत्रफल न्यूनतम कारपेट एरिया 29 वर्ग मीटर से 30 वर्ग मीटर के मध्य (न्यूनतम 4.50 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की बालकनी सहित) (टिपिकल प्लान 3 ख) (अधिकतम भवन मूल्य 6.50 लाख रुपये) पर सहमति दी है।

UPCM को प्रदेश के विभिन्न नगरों में लागू की जा रही मेट्रो रेल परियोजनाओं के विषय में भी अवगत कराया गया। प्रस्तुतिकरण के दौरान कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज तथा गाजियाबाद मेट्रो रेल परियोजनाओं की डी.पी.आर. की प्रगति के विषय में भी UPCM को अवगत कराया गया। UPCM ने वाराणसी के लिए मेट्रो की जगह रोप-वे का उपयोग किए जाने के निर्देश दिए।

प्रस्तुतिकरण के दौरान दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना, ONLINE बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओ.बी.पी.एस.), अमृत योजना के अन्तर्गत नगरों की जी.आई.एस. बेस्ड मास्टर प्लान बनाये जाने के कार्य, विकास प्राधिकरण/विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों में योजित वादों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था, शमन नीति-2019, वन टाइम सेटेलमेंट योजना (ओ.टी.एस.), शुल्कों का सरलीकरण, लैण्ड पूलिंग स्कीम, वाह्य विकास शुल्क, भू-उपयोग परिवर्तन इत्यादि के विषय में भी UPCM को विस्तार से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर आवास एवं शहरी नियोजन राज्य मंत्री सुरेश पासी, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, LMRC के एम.डी. कुमार केशव, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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