UPCM ने विभिन्न विभागों के कार्यों और संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

लखनऊ (10 जून, 2019)
UPCM ने लोक भवन में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन कल्याण, युवा कल्याण, महिला कल्याण/बाल विकास विभागों के कार्यों और इनके तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

UPCM ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति वितरण योजना (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/सामान्य वर्ग), वृद्धावस्था पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/सामान्य वर्ग) और राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के संचालन की समीक्षा की।

UPCM ने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण योजना के तहत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सभी पात्र छात्रों को शामिल करते हुए उन्हें छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जाए। इस योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि इसमें कोई शिकायत न मिले। उन्होंने योजना के लिए आवश्यक बजट के सम्बन्ध में मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे इस सम्बन्ध में एक बैठक करते हुए इसका निस्तारण करें। उन्होंने छात्रवृत्ति की राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में क्रेडिट करने के निर्देश दिए।

UPCM ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के तहत लाभार्थियों को चिन्हित करते हुए उन्हें लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वृद्धावस्था/किसान पेंशन के तहत बचे हुए पात्र लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मण्डल एवं जनपद स्तर पर तैनात किए गए नोडल अधिकारियों को इस योजना के तहत पात्र लोगों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए।

UPCM ने सामूहिक विवाह योजना/निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना के तहत लाभार्थी को समय से लाभ पहुंचाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के तहत कार्यरत शिक्षकों का वेतन समय से देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की माॅनीटरिंग की जाए। इनका संचालन योजना बनाकर किया जाए। इनमें NCERT द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम लागू किया जाए। उन्होंने जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के भी निर्देश दिए।

UPCM ने गरीबों को दाह संस्कार के सम्बन्ध में धन की कमी के कारण होने वाली दिक्कतों के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि इसके लिए सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी और सम्बन्धित गांव के ग्राम प्रधान तत्काल पीड़ित परिवार की मदद करें और उसे 5,000 रुपए तक की धनराशि उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के गरीबों को भी इसी प्रकार की मदद आवश्यकतानुसार उपलब्ध करायी जाए।

UPCM ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम् छात्रवृत्ति योजना (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर), दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर), शुल्क प्रतिपूर्ति योजना (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर), शादी अनुदान योजना (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर), कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना और छात्रावास निर्माण योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति वितरण के लिए बजट की डिमांड पहले से ही कर ली जाए। उन्होंने एक छात्र को एक ही लाभ देने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी छात्र को छात्रवृत्ति मिल रही है तो दूसरे छात्र को शुल्क प्रतिपूर्ति से लाभान्वित किया जाए। ऐसा न हो कि एक छात्र को 02 लाभ मिलें और दूसरा छात्र कोई भी लाभ न पाए। शादी अनुदान योजना के सम्बन्ध में उन्होंने लाभार्थी को समय से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

UPCM ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अल्पसंख्यक वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु अनुदान योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि समय पर निर्गत करने के निर्देश दिए। मदरसा शिक्षा के सम्बन्ध में निर्देश दिए कि इनमें दी जाने वाली शिक्षा का स्तर ठीक किया जाए और NCERT द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम को लागू करने की दिशा में प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि मदरसों में तैनात किए जाने वाले शिक्षकों की अर्हताओं को ठीक किया जाए, ताकि शिक्षक गुणवत्तापरक शिक्षा विद्यार्थियों को दे सकें। उन्होंने मदरसों में की जाने वाली शिक्षकों की भर्ती को पारदर्शी बनाने के भी निर्देश दिए। अल्पसंख्यक वर्ग के पूर्वदशम् छात्रों को दी जाने वाली धनराशि को इस तरह से आवंटित किया जाए कि उससे अधिक से अधिक छात्र लाभान्वित हो सकें।

UPCM ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित निराश्रित दिव्यांग व्यक्तियों हेतु भरण पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) योजना, कुष्ठावस्था पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण अनुदान योजना, दिव्यांगजन के विवाह हेतु प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, दुकान निर्माण/संचालन योजना, उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजन को निःशुल्क यात्रा सुविधा, दिव्यांगजन के प्रोत्साहन हेतु राज्य स्तरीय पुरस्कार योजना, बचपन डे केयर सेण्टर का संचालन और विशेष विद्यालयों के संचालन की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को मानक के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजन की सुविधा के लिए दिव्यांगजन पेंशन की धनराशि 300 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए पहले ही कर दी गयी है।

UPCM ने युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों/योजनाओं जैसे-ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अवस्थापना सुविधाओं की स्थापना एवं संचालन, भारत सरकार द्वारा संचालित ‘खेलो इण्डिया’ योजना का प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में क्रियान्वयन, ग्रामीण स्तर पर युवक एवं मंगल दलों का गठन और उनका राष्ट्रीय एवं सामाजिक क्षेत्रों में योगदान, युवक एवं महिला मंगल दलों को उपयोगी सामग्री देकर प्रोत्साहित करना, युवक एवं महिला मंगल दलों हेतु स्वामी विवेकानन्द यूथ अवाॅर्ड योजना का संचालन, प्रदेश के युवाओं हेतु स्वामी विवेकानन्द यूथ अवाॅर्ड (व्यक्तिगत श्रेणी) योजना का संचालन, प्रदेश में कलाकारों को प्रोत्साहित करने हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं युवा उत्सव का आयोजन, प्रान्तीय रक्षक दल में ग्रामीण युवाओं की भर्ती, प्रशिक्षण एवं शान्ति सुरक्षा व्यवस्था हेतु उनको ड्यूटी पर लगाना और युवा कार्यक्रम एवं भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा संचालित ग्रामीण क्षेत्रों की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने के निर्देश दिए।

UPCM ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विभाग द्वारा लागू की जाने वाली ‘कन्या सुमंगला योजना’ का नाम अब ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ किया जाए। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के भी निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के भी निर्देश दिए। बाल विकास के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक के दौरान समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, युवा कल्याण और महिला कल्याण/बाल विकास के प्रमुख सचिवों द्वारा UPCM के समक्ष अपने-अपने विभागों के सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिए गए।

इस अवसर पर मंत्रिगण लक्ष्मी नारायण चौधरी, रमापति शास्त्री, चेतन चौहान, रीता बहुगुणा जोशी और गुलाबो देवी सहित मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन कल्याण महेश कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव महिला कल्याण एवं बाल विकास मोनिका एस. गर्ग, प्रमुख सचिव युवा कल्याण डिम्पल वर्मा, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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