UPCM योगी ने जनपदों के लिए नामित नोडल अधिकारियों को प्रभावी समीक्षा करने के निर्देश दिए

लखनऊ (10 जुलाई, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने जनपदीय समीक्षा के लिए नामित नोडल अधिकारियों को प्रभावी समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी द्वारा जनपद की समग्रता के साथ समीक्षा की जाए। नोडल अधिकारी अपनी कार्य पद्धति से जनपदीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत और सक्रिय करें। समीक्षा के दौरान स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के साथ कुछ कार्यालयों यथा तहसील, विकासखण्ड, थाना आदि का निरीक्षण भी किया जाना चाहिए। नोडल अधिकारी को जनपदीय अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा भी करनी चाहिए। आदतन कार्य न करने की प्रवृत्ति वाले कर्मियों की स्क्रीनिंग, सुधार कर सकने वालों को अवसर तथा अच्छा कार्य करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शास्त्री भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, प्रभारी सचिव तथा जनपदीय समीक्षा के लिए नामित नोडल अधिकारी सम्मिलित थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों द्वारा माह जून, जुलाई, 2019 में आवंटित जनपदों के निरीक्षण, वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रदेश में जारी की गई वित्तीय स्वीकृतियों, IGRS पोर्टल व CM-हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति और वित्तीय वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट की नई योजनाओं के सम्बन्ध में समीक्षा की।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद के निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी को स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं, जन शिकायतों के निस्तारण के सम्बन्ध में फीडबैक लेना चाहिए। नोडल अधिकारी, IGRS और सी.एम. हेल्पलाइन से मिलने वाली जनपद से सम्बन्धित शिकायतों के बारे में जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करें। नोडल अधिकारियों द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था में जनपद के योगदान की सम्भावना के दृष्टिगत पहल कर उसे मूर्त रूप देने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी के लिए जनपदीय निरीक्षण का समय अपने विभाग के कार्यों को जमीनी धरातल पर देखने, जांचने का भी अच्छा अवसर है। मुख्यमंत्री ने जनपद लखीमपुर खीरी का जनपदीय निरीक्षण करने वाले अधिकारी डाॅ. रजनीश दुबे की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उनके निरीक्षण की एक प्रति सभी नोडल अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

IGRS और CM-हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही शिकायत के निस्तारण का आधार होना चाहिए। हर शिकायतकर्ता को न्याय मिलना चाहिए। जनता की समस्याओं का सम्यक समाधान होने से लोकतंत्र की परिकल्पना साकार होती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में शिकायतें लम्बित हैं अथवा उनका मेरिट के आधार पर निस्तारण नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण इस प्रकार किया जाए कि शिकायतकर्ता को पूर्ण संतुष्टि हो। शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की हर महीने समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं उनके द्वारा भी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की जाएगी। ऐसे में शिकायतकर्ताओं से सीधे बात होगी और जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तुरन्त कार्रवाई की जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2019-20 हेतु प्रदेश में जारी की गई वित्तीय स्वीकृतियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारीगण शासन स्तर और विभाग स्तर से जारी वित्तीय स्वीकृतियों की हर महीने समीक्षा करें। वित्तीय स्वीकृतियां और धनराशियां समय से जारी की जाएं। इसके कारण कार्य बाधित नहीं होना चािहए। वित्तीय स्वीकृतियों को वित्तीय वर्ष के अन्तिम महीनों में नहीं, बल्कि समय से जारी किया जाए, जिससे कार्य भी समय से पूर्ण हो जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय बजट के साथ ही विभागीय कार्यों की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने केन्द्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के केन्द्रीय बजट में अपने विभागों से सम्बन्धित योजना के सम्बन्ध में आगामी 15 दिनों में कार्य योजना बनाकर केन्द्र सरकार को प्रेषित कर दी जाए। केन्द्र सरकार की अनेक योजनाएं पहले प्रस्ताव भेजने वाले राज्यों को प्राप्त होती हैं। इसलिए प्रत्येक विभाग द्वारा कार्य योजना प्रेषित कर पैरवी की जाए। योजना की पैरवी के लिए अधिकारी स्वयं अथवा विभागीय मंत्रियों के साथ केन्द्रीय अधिकारियों से सम्पर्क कर प्रदेश की आबादी के अनुरूप बजट प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कार्य योजना की एक प्रति उनके कार्यालय को भी दी जाए, जिससे उनके स्तर से भी केन्द्र सरकार के मंत्रियों से समुचित पहल की जा सके।



मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से राज्य की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डाॅलर पहुंचाने के लिए समग्र प्रयास करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को आगामी कुछ वर्षों में 05 ट्रिलियन डाॅलर बनाने का संकल्प लिया है। उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। देश का प्रत्येक छठा व्यक्ति उत्तर प्रदेश से है। इसलिए प्रधानमंत्री जी के संकल्प को साकार करने में प्रदेश की बड़ी भूमिका है। राज्य की अर्थव्यवस्था की वृद्धि की वर्तमान दर के हिसाब से यह अगले 11-12 वर्षों में 01 ट्रिलियन डाॅलर तक पहुंचेगी। इसे आधे समय अर्थात आगामी 05 से 07 वर्षों में 01 ट्रिलियन डाॅलर तक पहुंचाने के लिए वरिष्ठ अधिकारीगण कार्य योजना बनाकर समग्र प्रयास करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की अप्रतिम सम्भावनाएं हैं। इन सम्भावनाओं को साकार करने में विभागीय और नोडल अधिकारियों की बड़ी भूमिका है। इसमें हर विभाग और जनपद की भूमिका है। इसलिए अधिकारीगण सम्यक रूप से विचार कर इनोवेटिव आइडियाज़ के साथ एक ठोस कार्य योजना बनाएं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में रियल इस्टेट, परिवहन, वित्तीय सेवाओं, कृषि, खनन, पर्यटन आदि क्षेत्रों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए हर विभाग को अपने स्तर से पहल करनी चाहिए। विभागों द्वारा प्रदेश के आम जन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन और राज्य की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज कुम्भ-2019 और अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम के सफल आयोजन, ब्रज विकास परिषद के गठन के पश्चात मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र के विकास की ठोस कार्य योजना से राज्य में पर्यटन के प्रति नजरिए में सकारात्मक परिवर्तन आया है। वर्तमान राज्य सरकार में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने से राज्य में निवेश की सम्भावना बढ़ी है। प्रदेश में निवेश के लिए हर विभाग अपने स्तर से भूमिका निभा सकता है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ठोस कार्य योजना के माध्यम से पहल करनी चाहिए।

मुजफ्फरनगर जनपद में गुड़ महोत्सव के दौरान 100 से अधिक वेराइटी के प्रदर्शन, पैकेजिंग और मार्केटिंग की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जनपद का अपना एक विशिष्ट उत्पाद है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से किसानों को अच्छे बीज और तकनीक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। राज्य में सृजित हो रही बुनियादी ढांचागत सुविधाओं पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डों का विकास, फ्रेट काॅरिडोर के प्रदेश के सर्वाधिक भू-भाग से गुजरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद के विशिष्ट उत्पादों सहित कृषि उत्पादों की मार्केटिंग, एक्सपोर्ट आदि में इन सुविधाओं का उपयोग किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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