मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन  के लोकार्पण सहित 30 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

गाजियाबाद।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज जनपद गाजियाबाद में 132 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का लोकार्पण सहित जनपद गाजियाबाद के विकास से सम्बन्धित लगभग 761 करोड़ रुपए से अधिक की 30 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की प्रगति और खुशहाली के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता धनराशि को बढ़ाकर 01 लाख किए जाने के अवसर पर इस भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया था। यह भवन कैलाश मानसरोवर यात्रा, सिन्धु दर्शन यात्रा, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री आदि यात्राओं के श्रद्धालुओं को समर्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भवन के नाम पर भूमि क्रय करके कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कराया है।

 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार ने धर्मार्थ कार्य के निदेशालय के गठन का निर्णय लिया है। हमारे तीर्थस्थल आस्था और श्रद्धा के केन्द्र होने के साथ ही पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल हैं। यह स्थल रोजगार के अनेक अवसर भी सृजित करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा भव्य और दिव्य प्रयागराज कुम्भ-2019 का आयोजन किया गया। प्रयागराज कुम्भ-2019 ने स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानक स्थापित किए हैं। कुम्भ में पूरी दुनिया से 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालु सम्मिलित हुए। इस आयोजन से स्थानीय लोगों का रोजी-रोजगार भी बढ़ा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि कैलाश मानसरोवर देश की आस्था का केन्द्र है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा व सिन्धु दर्शन की यात्रा पर जाने की प्रत्येक श्रद्धालु इच्छा रखता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग, पर्यटन विकास निगम के माध्यम से ऐसी सुविधाएं विकसित करें कि हर मौसम में यह स्थल चहल-पहल का केन्द्र बनें। यहां पर हर प्रकार की गतिविधियां संचालित दिखायी दें। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन में पर्यटन स्थलों हेतु गाइडों के प्रशिक्षण तथा विभिन्न तीर्थ स्थलों एवं पर्यटन स्थलों के पर्यटकों की काउन्सिलिंग की व्यवस्था की जाए। उन्हें चार धाम की यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानी, ज्योतिर्लिंगों की विशिष्टताओं आदि के बारे में जानकारी दी जाए।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि भारत के आस्था स्थल, देश को उत्तर से दक्षिण एवं पूरब से पश्चिम तक बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास, सुरक्षा के साथ-साथ देश को शक्तिशाली बनाने के लिए प्रधानमंत्री  निरन्तर प्रयासरत है। कोरोना के प्रारम्भ से ही पूरा देश प्रधानमंत्री  के साथ खड़ा रहा। उनके आह्वान पर हर देशवासी ने आगे आकर अपना योगदान किया।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में निरन्तर बेहतर हुई है। प्रदेश सरकार ने बिना भेदभाव के कानून को लागू कराया है। उन्होंने कहा कि विकास खुशहाली लाने का माध्यम है। प्रधानमंत्री  ने प्रत्येक तबके के लोगों को विकास का विज़न दिया है। इससे बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान, महिलाओं आदि सभी को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधि आदि सभी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही कोविड-19 की वैक्सीन आ जाएगी। उन्होंने तब तक सभी से कोरोना के सम्बन्ध में सतर्कता बरतने, मास्क का प्रयोग करने, दो गज की दूरी का पालन करने तथा कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की।
इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी0के0 सिंह, प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति व धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 नीलकंठ तिवारी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री  अतुल गर्ग, विधान परिषद सदस्य  स्वतंत्र देव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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