मुख्यमंत्री योगी ने संतकबीर नगर में 122 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद संतकबीर नगर में 245 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 122 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने 220 करोड़ रुपए की 106 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 25 करोड़ रुपए की 16 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। लोकार्पित परियोजनाओं में 125 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित जिला कारागार भी शामिल है।

अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में अब विकास की धुरी बदली है। आज लोगों को विकास के लिए आवाज नहीं उठानी पड़ती है। प्रदेश सरकार, राज्य के समग्र एवं निरन्तर विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विकास से हर व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। जनपद संतकबीर नगर इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से विकास की मुख्य धारा के साथ जुड़कर आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतकबीर नगर बाबा तामेश्वर नाथ धाम व महान संत कबीर दास जी की भूमि है। दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री ने संत कबीर जी की स्मृति में उनकी शब्द साधना को एक नई ऊंचाई देते हुए मगहर में कबीर पीठ की आधारशिला रखी थी जिसका शीघ्र लोकार्पण होगा। बाबा तामेश्वर नाथ धाम में पर्यटन विकास के विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार के सफल प्रयासों से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफलाइटिस, डेंगू, मलेरिया जैसी विभिन्न बीमारियों के प्रकोप व उनसे होने वाली दुखद मृत्यु में कमी आयी है। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति के उत्तम स्वास्थ्य हेतु बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व सेवाएं प्रदान कर रही है। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र की आधारभूत अवसंरचना को निरन्तर विकसित कर रही है।

बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर एक नए रूप में जनता की सेवा कर रहा है। लोगों को इलाज के लिए अब लखनऊ, दिल्ली, मुम्बई नहीं जाना पड़ता है। गोरखपुर एम्स भी लगभग बनकर तैयार है, जिसका शीघ्र ही प्रधानमंत्री जी उद्घाटन करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोण्डा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ सहित विभिन्न जनपदों में मेडिकल काॅलेज के निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है।

जनपद बहराइच, अयोध्या तथा बस्ती के नवनिर्मित मेडिकल काॅलेज में विगत सत्र में ही एम0बी0बी0एस0 के प्रवेश प्रारम्भ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पी0पी0पी0 मोड पर एक नई नीति लेकर आ रही है। जिससे प्रदेश के सभी 75 जनपदों में मेडिकल काॅलेज होंगे और आने वाले समय में जनपद संतकबीर नगर में भी एक मेडिकल काॅलेज स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोरोना का प्रभावी नियंत्रण एवं प्रबन्धन किया गया है। इस कार्य में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, कोरोना वाॅरियर्स, मीडिया कर्मियों व शासन-प्रशासन की प्रशंसा की तथा अनुशासित रूप में इस महामारी से लड़ते हुए अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए जनता जनार्दन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है उनके साथ सरकार की पूरी संवेदना है। प्रदेश सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। कोरोना के प्रति हम सभी को सावधानी रखनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कालखण्ड में जो बच्चे निराश्रित हुए हैं, उनके लालन-पालन की जिम्मेदारी सरकार ने ली है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार उन्हें 04 हजार रुपए प्रतिमाह प्रदान कर रही है। जो महिलाएं निराश्रित हुई हैं, सरकार उनके लिए शीघ्र एक योजना लाने वाली है ताकि कोई भी महिला अपने-आप को निराश्रित महसूस न करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जिम्मेदारीपूर्वक तथा जवाबदेही के साथ ‘सबका साथ सबका विकास व सबका विश्वास’ की भावना से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने लोकार्पित परियोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनपद संतकबीर नगर में  जिला कारागार का निर्माण किया गया है। कैदियों के सुधार के लिए सुधार गृह के माध्यम से कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। लोगों को एक बार सुधरने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण, सेतु निगम के सेतु निर्माण कार्य, पर्यटन विभाग की पर्यटन योजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी। पंचायतीराज विभाग द्वारा पंचायत भवनों व ग्राम सचिवालय की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन करने की सरकार की मंशा के अनुरूप इन विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद संतकबीर नगर की पहचान महिलाओं द्वारा बर्तन निर्माण कार्य से जुड़ी हुआ करती थी। एक बार फिर से बखिरा में प्रदेश सरकार इस प्रकार का क्लस्टर विकसित करने जा रही है, जिससे यह क्षेत्र बर्तन उद्योग में पुनः वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बना सके। इससे महिलाओं को रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। यह कार्य नौजवानों की रोजगार क्षमता को विकसित करेगा तथा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्राप्त होगी। उन्होंने खलीलाबाद क्षेत्र के हथकरघा उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि इस कार्य में मार्केटिंग, तकनीक व निवेश का समावेश करते हुए इस क्षेत्र को विश्वस्तरीय रेडिमेड गारमेन्ट उद्योग के रूप में विकसित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नौजवानों को नौकरी प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश के नौजवानों को साढ़े चार लाख से अधिक सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए रखी गई हैं। 90 हजार नौकरियां और आ रही हैं। प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षार्थियों को यात्रा भत्ता प्रदान करने जा रही है। साथ ही, अपने युवा विद्यार्थियों व परीक्षार्थियों को डिजिटल एक्सेस के साथ टैबलेट की सुविधा भी प्रदान करने जा रही है, जिससे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी वह पठन-पाठन का कार्य कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ विकास को निरन्तर गति प्रदान कर रही है। माफियाओं पर सख्त कार्यवाही करते हुए उनकी अवैध सम्पत्ति की जब्तीकरण की कार्यवाही की गई हंै। इससेे प्रदेश में गरीब और व्यापारी अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिला पुलिस को मिशन शक्ति से जोड़कर सभी थानों व तहसीलों में महिला शिकायत बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाओं की समस्याओं का संवेदना के साथ समाधान महिला पुलिसकर्मी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार लाभार्थी को टूलकिट प्रदान करती है ताकि वह स्वरोजगार के कार्य को आगे बढ़ा सके। इसी क्रम में उन्होंने कुछ लाभार्थियों को सिलाई मशीन व टूलकिट वितरित किए। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर विभिन्न कार्यों को सम्पादित करते हुए स्वावलम्बन की ओर अग्रसर हो सकती है। प्रदेश सरकार ने इस कार्य के लिए रिवाल्विंग फंड की उपलब्धता सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना द्वारा बच्ची के जन्म से लेकर उसके स्नातक स्तर में प्रवेश तक सरकार 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्याप्त जल संसाधन हैं, जिनका उपयोग कृषि कार्य, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन, बागवानी जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विगत कुछ दिनों से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग डेढ़ दर्जन जनपद बाढ़ की चपेट में हैं। उन्होंने हर बाढ़ पीड़ित के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री प्रदान की जा रही है। बाढ़ के दौरान शुद्ध पेयजल हेतु लोग पानी को उबाल कर व छान कर पियें। लोगों को क्लोरीन की टैबलेट उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक बाढ़ पीड़ित तक राहत सामग्री पहुंचाने तथा साफ-सफाई व स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता विकसित करने में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इस दौरान जंगली जीव-जन्तुओं के काटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सभी जनपदों में एण्टी स्नैक वैनम व एण्टी रेबीज इन्जेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ विभिन्न वर्तमान चुनौतियों जैसे-कोरोना, बाढ़ विभिषिका का सफलता पूर्वक सामना एवं उनका नियंत्रण कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आपके हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने जनपद संतकबीर नगर में 03 आॅक्सीजन प्लाण्ट स्थापित करने, ग्राम पंचायतों मंे पाइप पेयजल, पंचायत भवन निर्माण, विकास खण्ड खलीलाबाद व हैंसर बाजार में मल्टीपरपज सीड स्टोर एवं टेक्नोलाॅजी सेन्टर स्थापित करने जैसी विभिन्न योजनाओं के शुभारम्भ पर लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रीकरण योजना के अन्तर्गत जय भारत स्वयं सहायता समूह तथा गुजराती देवी महिला स्वयं सहायता समूह की शकुन्तला देवी तथा प्रियंका को कृषि यंत्र प्रदान किये। उन्होंने सामुदायिक शौचालय के रख रखाव के लिए माँ लक्ष्मी एवं सुधा महिला स्वयं सहायता समूह की संजू देवी तथा सुधा देवी, पूजा स्वयं सहायता समूह की पूजा देवी, माँ आदित्री स्वयं सहायता समूह की संगीता चौबे, माँ दुर्गा स्वयं सहायता समूह की शान्ति देवी को रू0 27,000 का स्वीकृति पत्र प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की लाभार्थियों गरिमा पाठक, स्नेहा सिंह, रितु गुप्ता, देवंता, वंदना यादव को टूल किट प्रदान किये। उन्होंने शादी अनुदान योजना के अन्तर्गत विमला देवी, संगीता देवी, राजमती देवी, अमिना खातून, कुरेशा खातून को पुत्री की शादी के लिए 20-20 हजार रुपए का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। उन्होंने महिला बन्दियों के बच्चों को पोषाहार किट वितरित किये तथा पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गयी मिशन शक्ति पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कोविड संक्रमण के कारण अपने माता, पिता अथवा अभिभावकों को खोने वाले निराश्रित बच्चों को, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अन्तर्गत शिक्षा, पोषण एवं भविष्य की सुरक्षा के लिए, प्रत्येक को 4 हजार रुपए की सहायता राशि का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। उन्होंने कोरोना काल में दिवंगत 05 सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों-सिंचाई विभाग में प्रिति निषाद, माध्यमिक शिक्षा विभाग में मीरा देवी, ग्राम्य विकास विभाग में नीतु शुक्ला, राजस्व विभाग में आलोक कुमार पाण्डेय व अमर को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने मिशन शक्ति के स्टाॅल का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम में कारागार एवं लोकसेवा प्रबन्धन राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने सभी का स्वागत किया। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीराम चैहान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पुलिस महानिदेशक कारागार आनन्द कुमार तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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